सीआरएसयू में लोकसंस्कृति, लोककला और युवा ऊर्जा का विराट समागम

December 1, 2025

चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय (सीआरएसयू), जींद में आयोजित तीन दिवसीय हरियाणा उत्सव 2025 का अंतिम दिन हरियाणवी संस्कृति, लोककला, परंपरा और युवा ऊर्जा का अद्वितीय और भव्य संगम बन गया। सुबह से ही विश्वविद्यालय परिसर ढोल-नगाड़ों की थाप, लोकगीतों की मधुर तान, रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों और विद्यार्थियों के उत्साहपूर्ण उल्लास से गूंज उठा। हरियाणा के बाँगर, बागड़, मेवात, ब्रज, खादर और अहीरवाल जैसे विविध अंचलों की सांस्कृतिक विरासत इस महोत्सव में जीवंत रूप में प्रकट हुई। लोकनृत्य, लोकगीत, नाट्य प्रस्तुति, किस्सागोई, लोक-कथाएँ, पारंपरिक खेल, शिल्पकला और ग्रामीण जीवन के विविध रंगों ने विश्वविद्यालय को ऐसी सांस्कृतिक छटा से भर दिया, जिसने पूरे आयोजन को हरियाणवी जीवन-धारा के महापर्व में परिवर्तित कर दिया।
उत्सव के अंतिम दिन हरियाणवी लोकसंगीत के प्रतिष्ठित कलाकार—गजेन्द्र फौगाट, राज मावर, सोमबीर कथूरवाल, अन्नु हरियाणवी और पद्मश्री महावीर गुड्डु—की उपस्थिति ने वातावरण को और भी सजीव बना दिया। जैसे ही गजेन्द्र फौगाट और राज मावर मंच पर पहुँचे, दर्शक दीर्घा में ऊर्जा की लहर फैल गई। राज मावर के लोकप्रिय गीत “भांग रगड़ के पिया करूँ मैं कुंडी सोटे आला सू” पर उपस्थित जनसमूह देर तक थिरकता रहा। कलाकारों की प्रखर गायकी, लयबद्ध ताल और दर्शकों की भागीदारी ने पूरे पंडाल को उत्साह, आनंद और सांस्कृतिक गौरव की अनूठी अनुभूति से भर दिया। यह प्रस्तुतियाँ न केवल मनोरंजन का माध्यम बनीं, बल्कि उन्होंने युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का प्रेरक सेतु भी निर्मित किया।
कार्यक्रम की गरिमा प्रतिष्ठित शिक्षाविदों और सामाजिक हस्तियों की उपस्थिति से और बढ़ गई। मुख्य अतिथि प्रो. कैलाश चन्द्र शर्मा (पूर्व कुलपति एवं अध्यक्ष, हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद) ने हरियाणा उत्सव को प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और पुनर्स्थापना का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए कहा कि “हरियाणवी संस्कृति में भाईचारा, लोकहित और सौहार्द्र की परंपरा अनादिकाल से रही है, और आज के आयोजन ने नई पीढ़ी को यह संदेश फिर से स्मरण कराया है।” उन्होंने सीआरएसयू के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम युवाओं में सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता के मूल्य स्थापित करते हैं।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. सतरूप ढाण्डा (सदस्य, हरियाणा शिक्षा परिषद), डॉ. अजीत सिंह (संयुक्त निदेशक, DGHE), प्रो. संजीव शर्मा (पूर्व कुलसचिव, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय), मैडम शर्मा, प्रो. महासिंह पूनिया (निदेशक, युवा एवं सांस्कृतिक विभाग, कु.वि.कु.), प्रो. के. एस. ढिल्लो (पूर्व प्रधान, HCTA), डॉ. सुमेर सैनी (KCGMC), प्राचार्य रमेश, हरिसिंह, सुरेश सैनी, एक्साइज एंड टैक्सेशन ऑफिसर रणबीर ताया और समाजसेवी जगबीर दूहन उपस्थित रहे। कुलपति प्रो. (डॉ.) राम पाल सैनी ने अतिथियों का पारंपरिक हरियाणवी सम्मान—सॉल व मोमेंटो—प्रदान कर स्वागत किया।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के युवा एवं सांस्कृतिक विभाग के निदेशक और हरियाणवी सांस्कृतिक चेतना के अग्रदूत, प्रो. महासिंह पूनिया ने उत्सव को हरियाणा की सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण का ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा कि “जींद सदैव सांस्कृतिक बाँगर क्षेत्र का केंद्र रहा है और यहाँ की मिट्टी में जो लोकधारा, ठेठपन और परंपरा की खुशबू है, वह अपने आप में अनूठी है।” उन्होंने विशेष रूप से हरियाणवी चौपाल, बांगर सांस्कृतिक प्रदर्शनी, लूर नृत्य कार्यशाला, बारहमासा कार्यक्रम, पारंपरिक खेलों की प्रस्तुति और ‘हरियाणवी सेल्फी पॉइंट’ की सराहना की।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि “हरियाणवी बोलने में झिझक नहीं, बल्कि गर्व होना चाहिए। अपनी बोली, अपनी पगड़ी, अपने गीत और अपनी परंपराएँ हमें हमारी पहचान देती हैं।”

मीडियाकर्मियों और छायाकार बंधुओं का विश्वविद्यालय ने किया सम्मान
हरियाणा उत्सव में प्रदेशभर से आए मीडियाकर्मी एवं छायाकार बंधुओं को भी विश्वविद्यालय द्वारा विशेष रूप से सम्मानित किया गया। उनके रचनात्मक कार्य, समाचार संप्रेषण, फोटो दस्तावेज़ीकरण और उत्सव को जन–जन तक पहुँचाने में निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका की भूरि-भूरि प्रशंसा की गई। कुलगुरु प्रो. (डॉ.) राम पाल सैनी ने कहा कि “मीडिया समाज का आईना है और हरियाणा उत्सव की आत्मा को संपूर्णता से प्रस्तुत करने में आप सभी का योगदान अमूल्य है।”
उत्सव में विश्वविद्यालय का न्यूजलेटर ‘उत्कर्ष विशेषांक 2025’ भी हुआ जारी
अंतिम दिवस का एक प्रमुख आकर्षण रहा—सीआरएसयू के न्यूजलेटर ‘उत्कर्ष विशेषांक 2025 – नई दिशा, नए आयाम’ का औपचारिक विमोचन। इस विशेषांक में विश्वविद्यालय के शैक्षणिक, सांस्कृतिक, शोध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े महत्त्वपूर्ण कार्यों का समृद्ध दस्तावेज़ प्रस्तुत किया गया है। उपस्थित शिक्षाविदों, अतिथियों और निर्णायकों ने इस प्रकाशन की अत्यधिक सराहना की और इसे विश्वविद्यालय की प्रगतिशील सोच और सक्रियता की मजबूत मिसाल बताया।

समग्र रूप से हरियाणा उत्सव 2025 केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि यह हरियाणवी अस्मिता, जनजीवन और लोक-संस्कारों के पुनर्प्रतिष्ठान का सजीव अध्याय बनकर उभरा। आयोजन ने सिद्ध किया कि जब सांस्कृतिक परंपराएँ और शैक्षणिक वातावरण साथ आते हैं, तो समाज में रचनात्मकता, संवेदनशीलता और संवाद की नई ऊर्जा जन्म लेती है।
सीआरएसयू द्वारा किया गया यह आयोजन न केवल विश्वविद्यालय के लिए, बल्कि प्रदेश के समस्त शैक्षणिक संस्थानों के लिए भी अनुकरणीय उदाहरण के रूप में स्थापित हुआ है।

हरियाणा उत्सव : प्रतियोगिताओं में सीआरएसयू विश्वविद्यालय का रहा दमदार प्रदर्शन
सीआरएसयू जीन्द ने जीता ओवरऑल खिताब
नीलम विश्वविद्यालय रहा रनर-अप
तीन दिवसीय हरियाणा उत्सव में प्रदेशभर के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों ने अपनी कला, संस्कृति, संगीत और रंगमंचीय कौशल का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। विभिन्न श्रेणियों में प्रतिभागियों ने प्रतिस्पर्धा की, जिसमें चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय (सीआरएसयू), जीन्द ने सबसे अधिक शीर्ष स्थान हासिल करते हुए ओवरऑल ट्रॉफी पर कब्ज़ा जमाया।
नीलम विश्वविद्यालय, कैथल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रनर–अप ट्रॉफी जीती।

मुख्य प्रतियोगिताओं के प्रथम विजेता
🎵 सांस्कृतिक व लोकनृत्य श्रेणी
हरियाणवी लूर डांस – चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जीन्द
रसिया ग्रुप डांस – चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय
हरियाणवी ग्रुप डांस – चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय
हरियाणवी सोलो डांस (मेल) एवं फीमेल) – नीलम विश्वविद्यालय, कैथल
हरियाणवी सोलो डांस (फीमेल) – नीलम विश्वविद्यालय, कैथल
🎤 संगीत एवं सांग प्रतियोगिताएँ
हरियाणवी सांग – चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय
हरियाणवी पॉप सॉन्ग – चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय
हरियाणवी रागनी (सोलो) – नीलम विश्वविद्यालय
ड्यूट रागनी – नीलम विश्वविद्यालय
हरियाणवी ग्रुप सॉन्ग – हिन्दू कन्या महाविद्यालय, जीन्द
हरियाणवी गजल – चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय
हरियाणवी भजन – एस. डी. एम. एम. नरवाना
🎭 थियेटर, नाटक व अभिनय श्रेणी
हरियाणवी स्किट – चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय
हरियाणवी मोनो एक्टिंग – आर. के. एस. डी. महाविद्यालय, कैथल
वन एक्ट प्ले (हरियाणवी) – राजकीय महाविद्यालय, जीन्द
वन एक्ट प्ले – बेस्ट एक्ट्रेस (भूमिका: भाभी) – राजकीय महाविद्यालय, जीन्द
वन एक्ट प्ले – बेस्ट एक्टर (भूमिका: राजा (आदित्य) – चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय, भिवानी
🎨 फाइन आर्ट व पारंपरिक परिधान
हरियाणवी फॉक कॉस्ट्यूम (पुरुष) – चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय
हरियाणवी फॉक कॉस्ट्यूम (महिला) – चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय
हरियाणवी कविता (सोलो) – चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय
हरियाणवी रिचुअल – राजकीय महाविद्यालय, जीन्द
टिट–बिट (हरियाणवी) – राजकीय महाविद्यालय, जीन्द
हरियाणवी लोकगीत – आर. के. एस. डी. महाविद्यालय, कैथल
हरियाणवी फैशन शो – चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय
🎼 वाद्य संगीत
हरियाणवी इंस्ट्रूमेंटल (सोलो) – चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय
हरियाणवी ऑर्केस्ट्रा – चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय

विशेष ट्रॉफियाँ (इवेंट–वाइज)
पं. जसराज ट्रॉफी (म्यूजिक इवेंट) – चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय
श्री नेकचन्द सैनी ट्रॉफी (फाइन आर्ट) – चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय
श्री सुनील दत्त ट्रॉफी (थियेटर इवेंट) – राजकीय महाविद्यालय, जीन्द
श्री स्वरूप सिंह ट्रॉफी (लिटरेचर इवेंट) – राजकीय महाविद्यालय, जीन्द
पं. बिरजू महाराज ट्रॉफी (डांस इवेंट) – चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय
पं. लख्मी चन्द ट्रॉफी (सांग इवेंट) – चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय

ओवरऑल परिणाम
राज्यस्तरीय हरियाणा उत्सव ओवरऑल ट्रॉफी – चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जीन्द
रनर–अप ट्रॉफी – नीलम विश्वविद्यालय, कैथल