कुशल मार्गदर्शन एवं दिशा-निर्देशानुसार विश्वविद्यालय में पंडित दीन दयाल उपाध्याय केन्द्र एवं रेड रिबन क्लब के संयुक्त तत्वावधान में विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर एक विचार गोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन किया गया
चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद के कुलगुरु प्रो. राम पाल सैनी के कुशल मार्गदर्शन एवं दिशा-निर्देशानुसार विश्वविद्यालय में पंडित दीन दयाल उपाध्याय केन्द्र एवं रेड रिबन क्लब के संयुक्त तत्वावधान में विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर एक विचार गोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के प्रति जागरूक करना तथा इसके बचाव, समय पर जांच और उपचार के महत्व को समझाना था।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उप सिविल सर्जन डॉ. रमेश पंचाल ने विशेष रूप से उपस्थित होकर विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को संबोधित किया। अपने विस्तृत और प्रेरणादायक वक्तव्य में उन्होंने कैंसर जैसी गंभीर एवं चुनौतीपूर्ण बीमारी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के समय में कैंसर केवल एक बीमारी नहीं, बल्कि एक सामाजिक चुनौती बन चुका है। उन्होंने कहा कि जागरूकता ही इस बीमारी से लड़ने का सबसे प्रभावी हथियार है।
डॉ. रमेश पंचाल ने बताया कि कैंसर के अधिकतर मामले जीवनशैली से जुड़े कारणों के चलते सामने आ रहे हैं। उन्होंने तंबाकू सेवन, धूम्रपान, शराब का अत्यधिक प्रयोग, असंतुलित खानपान, शारीरिक निष्क्रियता और बढ़ते मानसिक तनाव को कैंसर के प्रमुख कारण बताया। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे स्वस्थ आदतों को अपनाकर न केवल स्वयं को, बल्कि समाज को भी इस बीमारी से बचा सकते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि कैंसर के शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज करना घातक साबित हो सकता है। समय पर जांच, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और सही जानकारी के माध्यम से कैंसर का सफल उपचार संभव है। डॉ. पंचाल ने सरकार द्वारा संचालित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं, निःशुल्क जांच सुविधाओं और उपचार सेवाओं की जानकारी भी उपस्थित जनों को दी, ताकि अधिक से अधिक लोग इन सुविधाओं का लाभ उठा सकें।
उन्होंने बताया कि आज के समय में युवाओं में मुख कैंसर तेजी से बढ़ रहा है, जिसका मुख्य कारण तंबाकू, गुटखा, धूम्रपान एवं शराब का सेवन है। उन्होंने कहा कि जीवनशैली में सुधार और नियमित जांच द्वारा इस बीमारी से काफी हद तक बचा जा सकता है।
डॉ. पंचाल ने मुख कैंसर के प्रारंभिक लक्षणों जैसे मुंह में लंबे समय तक रहने वाले छाले, लाल या सफेद धब्बे, निगलने में कठिनाई तथा मुंह से खून आना आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने प्रतिभागियों को इन लक्षणों को नजरअंदाज न करने और तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने सरल स्व-परीक्षण (Self-examination) की प्रक्रिया भी समझाई।
अपने संबोधन के दौरान डॉ. रमेश पंचाल ने विशेष रूप से युवाओं की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि युवा वर्ग समाज में बदलाव का सबसे मजबूत स्तंभ है। यदि युवा स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं और कैंसर के प्रति जागरूकता फैलाएं, तो इस बीमारी की रोकथाम काफी हद तक संभव है।
अंत में डॉ. जितेन्द्र कुमार निदेशक पंडित दीनदयाल उपाध्याय केंद्र ने सभी उपस्थित जनों से स्वस्थ जीवन अपनाने, नियमित व्यायाम करने, संतुलित आहार लेने तथा किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेने की अपील की। उनका यह प्रेरणादायक संबोधन उपस्थित जनों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरक सिद्ध हुआ।
इस अवसर पर डीन एकेडमिक अफेयर प्रोफेसर विशाल वर्मा ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों की जिम्मेदारी केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज और युवाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना भी उनका महत्वपूर्ण दायित्व है। उन्होंने ऐसे कार्यक्रमों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक बताते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही।
कार्यक्रम के अंत में पंडित दीन दयाल उपाध्याय केन्द्र के निदेशक डॉ. जितेंद्र ने अपने विचार रखते हुए कहा कि कैंसर के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर करना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि सही जानकारी, जागरूकता और सकारात्मक सोच से इस बीमारी से लड़ना संभव है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन एवं रेड रिबन क्लब के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक संदेश देते हैं और सभी विद्यार्थियों, टीचिंग व नॉन टीचिंग कर्मचारियों को शपथ भी दिलाई गई।
अंत में माननीय कुलगुरु प्रो रामपाल जी व कुलसचिव महोदय प्रो राजेश बंसल जी का भी आभार दिया जिनके मार्गदर्शन में इस प्रकार के आयोजन का सफल आयोजन होता है I
धन्यवाद ज्ञापन डॉ रितु द्वारा किया गया। मंच का सफल संचालन श्रीमती निशा द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया और कैंसर से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त हुई। अंत। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया।
