चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय,जींद के कुलपति प्रो.राम पाल सिंह सैनी ने हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के डॉ.कामराज सिंधु द्वारा सम्पादित पुस्तक कथारंग का विमोचन किया |

November 17, 2025

चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय,जींद के कुलपति प्रो.राम पाल सिंह सैनी ने हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के डॉ.कामराज सिंधु द्वारा सम्पादित पुस्तक कथारंग का विमोचन किया साथ ही उसे विश्वविद्यालय के पाठ्य क्रम में शामिल करने के लिए कहा जिसे बी.ए.के पांचवें सेमेस्टर में शामिल किया गया है।

इस पुस्तक में 10 कहानियों को संकलित किया गया है जिसमें हिंदी की सबसे प्रथम कहानी एक टोकरी भर मिट्टी,कानों में कंगना,करवा का व्रत,आकाशदीप,ज़िन्दगी और जोंक,राही,सिक्का बदल गया,कोसी का घटवार,इंस्पेक्टर मातादीन चाँद पर, पच्चीस चौका डेढ़ सौ और रतन कुमार सांभरिया की लाठी आदि कहानी संकलित हैं।

माननीय कुलपति ने इन सभी कहानियों को देख कर कहा कि ये सब मानवीय मूल्यों को उजागर करने वाली कहानियाँ हैं।पुस्तक विमोचन के दौरान आचार्य अशोक कुमार,अध्यक्ष(हिंदी विभाग),पंजाब विश्वविद्यालय,चण्डीगढ़ एवं डॉ.सुनील कुमार,अध्यक्ष(हिंदी विभाग)भी उपस्थित रहें।

कुलपति प्रो.रामपाल सैनी ने विमोचन करते हुए डॉ.कामराज सिन्धु को बधाई दी और कहा कि ये कहानियाँ भारतीय समाज की आत्मा को छूती हैं।डॉ.कामराज सिन्धु का यह संपादन कार्य साहित्य जगत के लिए महत्वपूर्ण योगदान है जो यूवा पीढ़ियों को साहित्य जगत से अवगत कराएगा।

माननीय कुलपति महोदय ने कहा है कि विश्वविद्यालय ऐसे साहित्यिक कार्यों को सदैव प्रोत्साहित करता रहेगा जो समाज में संवेदनशीलता,समानता और मानवीय दृष्टिकोण को सशक्त करें ।

आचार्य अशोक कुमार ने कहा कि ये सब कहानियां समाज को सोचने और आत्ममंथन करने के लिए प्रेरित करती हैं उन्होंने कहा कि रतन कुमार सांभरिया की कहानी लाठी केवल साहित्यिक अभिव्यक्ति नहीं है बल्कि वे सामाजिक चेतना और मानवीय मूल्यों के संवाहक भी है

माननीय कुलपति महोदय ने कहा है कि डॉ.कामराज सिन्धु द्वारा सम्पादित कहानियों को अकादमिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना है जिससे यह संग्रह न केवल हिंदी साहित्य के विद्यार्थियों के लिए उपयोगी है बल्कि आम पाठकों को समाज की वास्तविकता समझाने का माध्यम भी है इस विमोचन कार्यक्रम में हिंदी विभाग के साथ साथ अन्य विभाग के विद्यार्थी और शिक्षक भी शामिल रहें।

माननीय कुलपति महोदय ने डॉ.कामराज सिन्धु को इन विशेष कार्यों के लिए बधाई दी।