चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में कुलगुरु प्रो. राम पाल सैनी जी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में चल रहे एनएसएस के 7 दिवसीय विशेष शिविर के छठे दिन का आयोजन आज अत्यंत उत्साहपूर्ण और ऊर्जावान वातावरण में सम्पन्न हुआ।
चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में कुलगुरु प्रो. राम पाल सैनी जी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में चल रहे एनएसएस के 7 दिवसीय विशेष शिविर के छठे दिन का आयोजन आज अत्यंत उत्साहपूर्ण और ऊर्जावान वातावरण में सम्पन्न हुआ। शिविर में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी तथा सीखने की सकारात्मक दृष्टि पूरे कार्यक्रम में स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार प्रो. लवलीन मोहन जी ने विश्वविद्यालय प्रांगण में उपस्थित मुख्य अतिथियों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया।
आज के सत्र में सुपरिंटेंडेंट ऑफ़ पुलिस श्री कुलदीप सिंह का विश्वविद्यालय में आगमन अत्यंत गरिमामय रहा। एनएसएस इकाई एवं विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। उनके साथ उपस्थित श्री नरेश कुमार एवं पुलिस विभाग की पूरी टीम का भी आदरपूर्वक अभिनंदन किया गया। उनकी उपस्थिति ने वातावरण में अनुशासन, जागरूकता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को और अधिक सशक्त किया।
पुलिस कप्तान श्री कुलदीप सिंह ने अपने संबोधन में साइबर क्राइम विषय पर बोलते हुए डिजिटल युग में बढ़ते अपराधों—जैसे ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग, साइबर बुलिंग, सोशल मीडिया हैकिंग, OTP धोखाधड़ी आदि—पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि किस प्रकार थोड़ी-सी सावधानी और जागरूकता अपनाकर विद्यार्थी अपने व्यक्तिगत डाटा, बैंकिंग जानकारी और सोशल मीडिया अकाउंट्स की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को डिजिटल सतर्कता अपनाने, मजबूत पासवर्ड बनाने, अपरिचित लिंक पर क्लिक न करने और साइबर शिकायत पोर्टल के उपयोग की जानकारी भी दी।
श्री नरेश कुमार, उप निरीक्षक, हरियाणा पुलिस ने शिविर के प्रतिभागियों के समक्ष 'नशे के बारे में जागरूक’ एवं ‘ साइबर क्राइम’ जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण एवं समय की मांग वाले विषयों पर विस्तृत, प्रेरक और ज्ञानवर्धक व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने नशा मुक्ति के सामाजिक, पारिवारिक और व्यक्तिगत प्रभावों को अत्यंत सरल और प्रभावशाली उदाहरणों के माध्यम से समझाया। उन्होंने बताया कि नशा केवल व्यक्ति का जीवन ही नहीं, बल्कि परिवार, समाज और आने वाली पीढ़ियों को भी प्रभावित करता है।
उन्होंने विद्यार्थियों को यह भी प्रेरित किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहकर अपने आस-पास के साथियों को भी इससे बचने के लिए जागरूक करें और एक स्वस्थ, सशक्त एवं उन्नत समाज निर्माण में योगदान दें।
इस सत्र ने विद्यार्थियों के भीतर सामाजिक जिम्मेदारी, व्यक्तिगत सुरक्षा और डिजिटल जागरूकता की भावनाओं को और अधिक मजबूत किया। प्रतिभागियों ने न केवल उत्साहपूर्वक व्याख्यान सुना बल्कि कई प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी प्राप्त किया। यह सत्र विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी, ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक सिद्ध हुआ।
इस अवसर पर डॉ. नवीन लडवाल, एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक, प्रोग्राम ऑफिसर्स—डॉ. जगपाल मान, डॉ. देवेंद्र यादव, डॉ. राकेश सिमर, और डॉ. कविता—ने भी अपने विचार व्यक्त किए और ऐसे आयोजनों को विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में अत्यंत उपयोगी बताया।
