राष्ट्रीय महिला आयोग के तत्वावधान में आंतरिक शिकायत समिति की ओर से एकदिवसीय विधिक साक्षरता कार्यक्रम का आयोजन

Jan 7, 2023,11:11 am

चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद के सभागार में आज को राष्ट्रीय महिला आयोग के तत्वावधान
में आंतरिक शिकायत समिति की ओर से एकदिवसीय विधिक साक्षरता कार्यक्रम का आयोजन किया
गया। जिसमें प्रो. कविता ढुल, विभागाध्यक्ष, विधि विभाग, एम.डी.यू., रोहतक, मिस. अनीता रानी,
वकील जिला स्तरीय अभियोजन विभाग, मिस अंजली कौशिक, वकील जिला अदालत, जींद एवं
इन्स्पेक्टर गीता रानी, महिला पुलिस थाना, जींद ने मुख्य वक्ता एवं अतिथि के रूप में शिरकत की।
कार्यक्रम के मुख्य पैटर्न चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद के माननीय कुलपति महोदय डॉ.
रणपाल सिंह ने सभी अतिथिगण का स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन
में कहा कि आज लड़कियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। इस प्रकार के कार्यक्रम से समाज जागरूक
एवं प्रोत्साहित होता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम की विश्वविद्यालय एवं शैक्षणिक क्षेत्र
की आवश्यकता हैं। इस अवसर पर कार्यक्रम की पैटर्न चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद की
माननीय कुलसचिव महोदया प्रो. लवलीन मोहन ने कार्यक्रम के संबंध में सभी अतिथिगण का
स्वागत किया एवं परिचय दिया। उन्होंने अपने अभिभाषण में कहा की महिलाओं को अपने अधिकारों
के संबंध में जागरूक होना जरूरी है। आज महिलाएं हर क्षेत्र में उज्जवल कार्य कर रही हैं व देश के
मान-सम्मान को आगे बढ़ा रही हैं। विश्वविद्यालय शैक्षणिक अधिष्ठाता प्रो. एस. के. सिन्हा ने सभी
आगंतुक मेहमानों का अभिनंदन किया एवं उनके उनके संबंध में सभी से परिचय करवाया। उन्होंने
कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम का आयोजन काफी अच्छी पहल व सोच है। ऐसे कार्यक्रमों की
समाज को अत्यधिक जरूरत है।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता मिस अनीता नौनिहाल, वकील जिला स्तरीय अभियोजन विभाग, जींद ने
कहा की प्रीवेंशन प्रोहिबिशन रिड्रेसल फॉर वुमन के लिए जो भी कानून बनाए गए हैं सब बहुत
प्रमुख हैं। हमें यह जानने की जरूरत है की ये सब कानून कितने महत्वपूर्ण हैं और क्यों बनाए गए
हैं। हमें इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है की अगर कहीं सेक्शुअल हैरेसमेंट का केस आता है तो
उसको ठीक कैसे किया जाए व उस पर क्या कार्रवाई की जाए। हमें जानना होगा किस चीज को
इग्नोर करना है। इन सभी विषयों के बारे में पुरुषों को भी जानना आवश्यक है। उन्होंने कहा की
1960 में दहेज प्रथा रोकने पर कानून आया लेकिन 1970 में कोई केस रजिस्टर नहीं हुआ।
आईपीसी, एनआरपीसी में बदलाव आया और स्टॉकिंग का अलग से एक सेक्शन जोड़ दिया गया।
उन्होंने कहा की केस को रजिस्टर करना आसान है लेकिन उसको आगे बढ़ाना मुश्किल है।जब
इन्टेन्शन्स और वर्डस में फर्क होता है तो उसे शिकायत समिति के लिए साबित करना मुश्किल हो
जाता है।
कार्यक्रम के द्वितीय मुख्य वक्ता प्रो. कविता ढुल, विभागाध्यक्ष, विधि विभाग, एम.डी.यू., रोहतक, ने
अपने अभिभाषण में कहा कि यह हमने देखना है कि हमें अपने बेटे व बेटी दोनों को ही हर प्रकार से
अवगत करवाना होगा और उनकी सीमाएं बतानी होंगी। आपको अपना आत्मसम्मान करना सीखना
होगा। आजकल नादान लड़कों के साथ भी दुर्व्यवहार की घटनाएं देखने को मिलती हैं। अगर कोई भी
ऐसी घटना होती है तो उसके लिए आपको आगे आना होगा। हमारे यहाँ कानून की कोई कमी नहीं

है। सब राइट्स और सुरक्षा बहुत नियम उपलब्ध हैं। अगर कुछ गलत होता है तो शिकायत जरूर दर्ज
करवाएं।
कार्यक्रम के तृतीय मुख्य वक्ता इन्स्पेक्टर गीता रानी, महिला पुलिस थाना, जींद ने कहा कि अगर
आपके साथ कुछ ऐसा गलत होता है तो आप अपने पेरेंट्स को जरूर बताएं। हमें किसी भी गलत
आपत्तिजनक विडियो को वायरल होने से पहले रोकना होगा और संभालना होगा। काफी तरह के ऐसे
केस आते हैं जिसमें किशोर युवतियाँ रास्ता भटक जाती हैं। एक ऐसा केस आया जिसमें 11 साल की
बालिका गर्भवती मिली। इसलिए हमें अपने बच्चों को इस बारे में जानकारी देने की जरूरत है। हमें
उन्हें सोशल साइट्स के बारे में उन्हें बताने की जरूरत है। महिला पुलिस ठाणे महिलाओं की आवाज
उठाने के लिए ही बनाए गए हैं।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता मिस अंजली कौशिक, वकील जिला अदालत ने अपने अभिभाषण में कहा कि
महिला सशक्तिकरण यही है जो यहाँ मंच से शुरू होता है। इसके लिए आपको व आपके परिवार वालों
को जागरूक होना जरूरी है। सेक्शूअल हर्रासमेंट जब हमारे घर में होता है तो हमें इग्नोर नहीं करना
है। हर महिला को अपने ऊपर हो रहे अत्याचार के खिलाफ आवाज उठानी होगी। उनको न्यायालय
द्वारा सब सुविधा व न्याय दिलवाया जाएगा। फ्री में वकील की सुविधा दी जाएगी।
इस कार्यक्रम के दौरान छात्राएं ने सवाल भी पूछे। इस अवसर पर योग विभाग व एन एस एस की
छात्राओं ने योग की काफी सुन्दर प्रस्तुति दी व सभी का मन मोह लिया। इस कार्यक्रम की संयोजिका
डॉ. निशा सिंह, आपरेशनल असाइनी, आंतरिक शिकायत समिति ने सभी मेहमानों का धन्यवाद
ज्ञापन किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय से संबंधित महाविद्यालयों के प्राध्यापिका व छात्राएं
आई हुई थी व साथ ही विश्वविद्यालय की सभी छात्रा, प्राध्यापिका व महिला कर्मचारीगण शामिल
रहीं। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना से हुई व सभी मुख्य वक्ताओं को शाल व पुष्प गुच्छ
देकर सम्मानित किया गया।