विश्वविद्यालय आउटरीच कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण विकास में निभाएगा अहम भूमिका: प्रो. राम पाल सैनी
चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय जींद के सोशल आउटरीच सेल द्वारा कुलगुरु प्रो. राम पाल सैनी की अध्यक्षता में एक बैठक का आयोजन किया गया जिसमें जींद जिला के सरपंचों एवं जिला परिषद के चेयरमैन को आमंत्रित किया गया।
विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. राम पाल सैनी ने क्षेत्र के सभी सरपंचों से मुलाकात की और ग्रामीण विकास, शिक्षा तथा युवाओं के सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की।
इस बैठक में जिला परिषद के चेयरमेन कुलदीप रंधावा व सरपंचों ने माननीय कुलपति महोदय को पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया।
सोशल आउटरीच सेल के डायरेक्टर डॉ विजय कुमार ने इस बैठक के आयोजन की विस्तृत जानकारी दी और बैठक में उपस्थित सभी सरपंचों एवं चेयरमेन का स्वागत व अभिनंदन किया गया। बैठक में विश्वविद्यालय की 2014 से लेकर अब तक की गतिविधियों को डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से प्रस्तुत किया गया।
यह कार्यक्रम भारत सरकार व हरियाणा सरकार के नियमों के अनुसार विश्वविद्यालय को ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों से जोड़ने हेतु किया गया। विश्वविद्यालय के शिक्षक, शोधार्थी व विद्यार्थी गांव में जाकर जागरूकता कार्यक्रम, सफाई अभियान, सामाजिक कार्यों, पौधारोपण कार्य और अकादमी गतिविधियां समय समय पर करते रहते हैं। चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय जींद द्वारा उन्नत भारत अभियान के तहत पांच गांव गोद लिए गए हैं जिसमें विश्वविद्यालय के शिक्षक व विद्यार्थी समय-समय पर जाकर सफाई अभियान, पौधारोपण लोगों को जागरूक करने का कार्य करते हैं।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय कुलपति ने कहा कि ग्राम सचिवालय और विश्वविद्यालय के बीच यह साझेदारी “एक भारत–उन्नत भारत” की भावना को साकार करने का प्रयास है। उन्होंने सरपंचों से आग्रह किया कि वे ग्रामीण स्तर पर शिक्षा, स्वच्छता और रोजगार से जुड़ी योजनाओं में विश्वविद्यालय के सहयोग का लाभ उठाएं। विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ समय-समय पर गांवों में जाकर प्रशिक्षण शिविर और जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेंगे।
प्रो. सैनी ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल उच्च शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि समाज के सर्वांगीण विकास का भी माध्यम होना चाहिए। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के विभिन्न विभाग अब सीधे पंचायत स्तर पर अपनी भूमिका निभाएंगे — चाहे वह ग्रामीण नवाचार, पर्यावरण संरक्षण, कृषि तकनीक का प्रसार, या महिला सशक्तिकरण से जुड़ी पहलें हों। इस पहल के तहत विश्वविद्यालय के छात्र और शोधार्थी ग्राम पंचायतों में जाकर स्थानीय समस्याओं का अध्ययन करेंगे और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से उनके समाधान सुझाएंगे।
उन्होंने कहा कि जींद विश्वविद्यालय हमेशा गांव के पढ़ने वाले विद्यार्थियों और गांव के सभी लोगों के लिए शिक्षा प्रणाली जागरूकता अभियान व अन्य प्रकार के कार्यक्रमों के लिए अग्रणी रहा है। गांव का विकास करना भारत व हरियाणा सरकार की ही नहीं बल्कि विश्वविद्यालय की भी जिम्मेदारी है ताकि लोगों को अच्छी शिक्षा उनके बच्चों को अच्छा भविष्य प्रदान कर सके।
कार्यक्रम में उपस्थित सरपंचों ने इस पहल का स्वागत किया और कहा कि विश्वविद्यालय का सहयोग मिलने से गांवों के विकास कार्यों को नई दिशा और गति मिलेगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह साझेदारी शिक्षा को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में मील का पत्थर साबित होगी।
बैठक में उपस्थित सरपंचों ने गांव से संबंधित समस्याओं को विश्वविद्यालय कुलपति महोदय के सामने रखा और कुलपति महोदय ने सभी समस्याओं को ध्यानपूर्वक समझते हुए जल्द ही उनका निवारण करने के लिए आश्वासन दिया।
सरपंचों ने बताया कि गांव के बच्चे तैराकी में बहुत अच्छे हैं तो बच्चों के लिए स्विमिंग पूल की व्यवस्था करवाई जाए जिससे गांव के बच्चे तैराकी में अपना करियर बना सकें।
गांव को नशा मुक्त बनाने के लिए सभी गांव में नशा मुक्ति अभियान के दौरान कैंप लगाए जाएं जिससे युवाओं को नशे से दूर रखने के उपाय बताए जाएं ।
गांव के लोगों को सेहतमंद और फिट बनाने के लिए योग कैंप लगाए जाएं जिससे गांव के लोगों में योग के प्रति जागरूक हो और योगाभ्यास करने की क्षमता को बढ़ावा मिले और बीमारियों, रोगों से छुटकारा मिले।
उन्होंने बताया कि गांव के अंदर 2011 के बाद जनगणना नहीं की गई है तो विश्वविद्यालय से अपेक्षा है कि हरियाणा सरकार तक जरूर करना करवाने की मांग को भी उनके समक्ष रखा जाए।
कार्यक्रम में जिला परिषद के चेयरमैन श्री कुलदीप रंधावा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय और पंचायतों के बीच यह साझेदारी ग्रामीण विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। श्री रंधावा ने विश्वास जताया कि इस पहल से शिक्षा, रोजगार और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में ठोस सुधार देखने को मिलेंगे।
इस बैठक में 50 गांव के सरपंच और उनके प्रतिनिधियों (राजकुमार आर्य सरपंच प्रतिनिधि किनाना, जसवीर सरपंच प्रतिनिधि राजपुरा हरविंदर लोहान सरपंच गुलकनी मनजीत सिंह सरपंच किशनपुरा कवल जीत सरपंच गोविंदपुरा श्री कुमार सरपंच जबलपुर कर्मवीर सरपंच करमगढ़ राजकुमार सरपंच पोखरी खेड़ी राम प्रसाद सरपंच अशरफगढ़ सुरेश कुमार सरपंच बरहा कला दिनेश कुमार सरपंच लखमीर वाला रमेश सरपंच अनूपगढ़ सुखबीर सिंह सरपंच बीबीपुर हरदीप सरपंच किला जफरगढ़ कुलदीप सरपंच रिजवाना गीत सरपंच ब्राह्मणवाद विनोद कुमार सरडेगा डीगाना भूपेंद्र मलिक सरपंच निडाना सतीश कुमार सरपंच रिजवाना कला विजय फौजी सरपंच मेहराड मंडी बताइए सुशील सरपंच गढ़वाली दीपक सरपंच राजगढ़ रोहतास सरपंच नंदगढ़ सुदेश सरपंच बरौली जोगिंदर सरपंच ललित खेड़ा कुलबीर प्रतिनिधित्व निडाना राजेंद्र सरपंच सिणधरी खेड़ा दिनेश कुमार सरपंच आसन, संदीप सरपंच घिमना) ने भाग लिया और भविष्य में विश्वविद्यालय के साथ मिलकर गांव के युवाओं को रोजगार देने सभी गांव को नशा मुक्ति, स्वच्छता सहित और गांव के बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य व खेलकूद में आगे बढ़ाने के लिए अपना सहयोग देने का आश्वासन दिया जिससे गांव के साथ-साथ हरियाणा और पूरे भारतवर्ष का विकास हो सके।
बैठक में उपस्थित सभी सरपंचों को विश्वविद्यालय की तरफ से बैग, डायरी व स्मृति चिन्ह के रूप में भेंट किए गए। सभी को विश्वविद्यालय के इंटरनेशनल गेस्ट हाउस में सभोज करवाया गया।
इस बैठक में सोशल आउट्रिक सेल के डॉ. विजय कुमार, NSS कोऑर्डिनेटर डॉ नवीन लड़वाल, डॉ अरुण विश्वविद्यालय जनसंपर्क अधिकारी, नवीन मलिक, जीवन कुमार आदि मौजूद रहे।
