शिक्षा, संस्कार,संविधान, संकल्प और समर्पण का पर्व- प्रो. राम पाल सैनी

January 27, 2026

गणतंत्र दिवस के अवसर पर चौधरी विश्वविद्यालय, जींद में गरिमामय ध्वजारोहण समारोह आयोजित

चौधरी विश्वविद्यालय, जींद में 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में गरिमामय एवं राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत वातावरण में ध्वजारोहण समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर रामपाल सैनी, कुलसचिव डॉ. राजेश बंसल, डीन एवं विभिन्न विभागों के चेयरपर्सन, शिक्षकगण, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रध्वज फहराने के साथ हुई, जिसके उपरांत विश्वविद्यालय परिवार ने शहीद कैप्टन पवन खटकड़ की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर देश के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर सपूतों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर शहीदों के बलिदान को नमन किया।

वीर जवानों को नमन

भारत की आजादी, एकता और अखंडता की रक्षा में हमारे वीर जवानों का योगदान अतुलनीय है। चाहे कारगिल की बर्फीली चोटियाँ हों, सियाचिन की दुर्गम घाटियां हों या सीमा पर दिन-रात देश की रक्षा में तैनात हमारे सैनिक—हर भारतीय को उन पर गर्व है। शहीद कैप्टन पवन खटकड़ जैसे वीर सपूतों का बलिदान हमें सदा देश के प्रति अपने कर्तव्यों की याद दिलाता है और राष्ट्र सेवा की प्रेरणा देता है।

कुलगुरु प्रो. राम पाल सैनी का वक्तव्य

कलगुरु प्रोफेसर रामपाल सैनी ने उपस्थित सभी को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि “26 जनवरी का दिन भारत के लोकतांत्रिक इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है। इसी दिन हमारा संविधान लागू हुआ और भारत एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य बना। संविधान हमें समानता, स्वतंत्रता और न्याय का अधिकार देता है, साथ ही हमें अपने कर्तव्यों के प्रति भी सजग करता है।”

उन्होंने कहा कि युवाओं को संविधान के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने शिक्षण संस्थानों की भूमिका पर बल देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि जिम्मेदार और जागरूक नागरिक तैयार करने का माध्यम भी हैं।

उन्होंने कहा कि यह प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य बनता है कि वह देश हित में कार्य करें और समाज को प्रगति के पथ पर आगे लेकर जाने के लिए तत्पर रहे। उन्होंने यह भी संकल्प लिया कि वह जब तक रहेंगे तब तक देशहित के लिए कार्य करते रहेंगे और समाज की सेवा मैं अपना योगदान देते रहेंगे। क्योंकि यह देश हमारा घर है और अपने घर के प्रति हर व्यक्ति का कर्तव्य बनता है कि वह उसको साफ सुथरा रखें देश की गरिमा बनाए रखें और अपने कर्तव्यों का पालन करता रहे अपनी जिम्मेदारियां से पीछे ना हटे।

कुलसचिव डॉ. राजेश बंसल का वक्तव्य

कुलसचिव डॉ. राजेश बंसल ने अपने संबोधन में कहा कि “गणतंत्र दिवस हमें यह स्मरण कराता है कि भारत की असली शक्ति उसकी जनता में निहित है। हमारे संविधान ने प्रत्येक नागरिक को अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों की भी जिम्मेदारी सौंपी है।”

उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि आत्ममंथन का अवसर है—जहाँ हम यह संकल्प लें कि ईमानदारी, अनुशासन और देश प्रेम के साथ राष्ट्र के विकास में योगदान देंगे।

कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। पूरे परिसर में देशभक्ति का माहौल देखने को मिला और सभी ने एक स्वर में भारत माता की जय के उद्घोष के साथ समारोह को यादगार बनाया।

चौधरी विश्वविद्यालय, जींद परिवार ने इस अवसर पर यह संकल्प लिया कि वे संविधान के आदर्शों पर चलते हुए शिक्षा, सेवा और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखेंगे।