केन्द्रीय पुस्तकालय द्वारा ज्ञान, पठन-पाठन एवं अकादमिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 10 व 11 फरवरी को दो दिवसीय पुस्तक प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है।
चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद की केन्द्रीय पुस्तकालय द्वारा ज्ञान, पठन-पाठन एवं अकादमिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 10 व 11 फरवरी को दो दिवसीय पुस्तक प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। इस पुस्तक प्रदर्शनी में देश-विदेश के 65 से अधिक प्रतिष्ठित भारतीय एवं विदेशी प्रकाशकों ने भाग लेने के लिए अपनी सहमति पंजीकृत कराई है। प्रदर्शनी में शैक्षणिक, शोध, साहित्यिक, तकनीकी एवं सामान्य ज्ञान से संबंधित पुस्तकों का व्यापक संग्रह पाठकों के लिए उपलब्ध रहेगा। विश्वविद्यालय की यह पुस्तक प्रदर्शनी न केवल विश्वविद्यालय बल्कि क्षेत्र के शिक्षाविदों, विद्यार्थियों एवं पुस्तक प्रेमियों के लिए ज्ञानवर्धन का एक महत्वपूर्ण अवसर सिद्ध होने की उम्मीद है।
इस पुस्तक प्रदर्शनी में देश के विभिन्न प्रतिष्ठित प्रकाशकों द्वारा प्रकाशित पाठ्य पुस्तकों, संदर्भ पुस्तकों, शोध ग्रंथों, प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकों, साहित्यिक कृतियों एवं सामान्य ज्ञान से जुड़ी पुस्तकों का विशाल संग्रह प्रदर्शित किया जाएगा। प्रदर्शनी में विद्यार्थियों को पुस्तकों की खरीद पर विशेष छूट भी प्रदान की जाएगी।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के माननीय कुलगुरु प्रो. राम पाल सैनी ने अपने संदेश में कहा कि
“विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में पुस्तकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। पुस्तकें केवल परीक्षा उत्तीर्ण करने का माध्यम नहीं होतीं, बल्कि वे विद्यार्थियों में ज्ञान, अनुशासन, नैतिक मूल्यों एवं सकारात्मक सोच का विकास करती हैं। इस प्रकार की पुस्तक प्रदर्शनी विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम से आगे जाकर सीखने, नई विषय-वस्तुओं से परिचित होने तथा अपने करियर से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लेने में सहायक सिद्ध होती है।”
उन्होंने आगे कहा कि “इस पुस्तक प्रदर्शनी के माध्यम से विद्यार्थियों को एक ही स्थान पर विभिन्न विषयों से संबंधित नवीनतम पाठ्य पुस्तकें, संदर्भ ग्रंथ, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़ी सामग्री, शोध ग्रंथ एवं साहित्यिक पुस्तकों तक पहुंच प्राप्त होगी, जिससे उन्हें शैक्षणिक एवं बौद्धिक रूप से अत्यधिक लाभ होगा। इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में पठन-पाठन की आदत को मजबूत करते हैं और उन्हें आत्मनिर्भर अध्ययन की दिशा में प्रेरित करते हैं।”
माननीय कुलगुरु ने यह भी बताया कि “यह पुस्तक प्रदर्शनी केवल विश्वविद्यालय परिसर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी महाविद्यालयों के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के साथ-साथ बाहर से आने वाले पुस्तक प्रेमी, शिक्षाविद् एवं आम नागरिक भी भाग ले सकते हैं। इससे ज्ञान के आदान-प्रदान का एक व्यापक मंच तैयार होगा, जो शिक्षा और समाज के बीच की दूरी को कम करेगा।”
उन्होंने अंत में कहा कि “चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय का निरंतर प्रयास रहा है कि शिक्षा को कक्षा कक्षों की सीमाओं से बाहर निकालकर समाज तक पहुंचाया जाए। इस पुस्तक प्रदर्शनी के माध्यम से हम विद्यार्थियों, शिक्षकों और समाज के सभी वर्गों को पुस्तकों से जोड़ने की दिशा में एक सार्थक पहल कर रहे हैं। मैं सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों, शोधार्थियों एवं पुस्तक प्रेमियों से आह्वान करता हूँ कि वे इस पुस्तक प्रदर्शनी का अवश्य भ्रमण करें और इसका अधिकतम लाभ उठाएं।”
विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. राजेश बंसल ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि
“डिजिटल संसाधनों के इस युग में भी मुद्रित पुस्तकों का अपना विशेष महत्व है। पुस्तक प्रदर्शनी जैसे आयोजन विद्यार्थियों को एक ही स्थान पर विविध विषयों से संबंधित श्रेष्ठ सामग्री उपलब्ध कराते हैं। इससे न केवल उनकी शैक्षणिक समझ बढ़ती है, बल्कि उनमें आत्म-अध्ययन एवं ज्ञान अर्जन की भावना भी सुदृढ़ होती है। इस प्रकार के आयोजन विश्वविद्यालय के अकादमिक वातावरण को और अधिक सशक्त बनाते हैं।”
केन्द्रीय पुस्तकालय के अस्सिटेंट लाइब्रेरियन डॉ अनिल कुमार ने पुस्तक प्रदर्शनी की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि “यह दो दिवसीय पुस्तक प्रदर्शनी विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं शिक्षकों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। प्रदर्शनी में विभिन्न विषयों की हजारों पुस्तकें उपलब्ध होंगी, जिससे पाठकों को नवीनतम शैक्षणिक एवं शोध सामग्री से जुड़ने का अवसर मिलेगा। केन्द्रीय पुस्तकालय सदैव ज्ञान के प्रसार एवं अध्ययन संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों से अपील की कि वे इस पुस्तक प्रदर्शनी में अधिक से अधिक संख्या में भाग लें और इसका भरपूर लाभ उठाएं।”
यह दो दिवसीय पुस्तक प्रदर्शनी 10 फरवरी से 11 फरवरी तक विश्वविद्यालय परिसर स्थित केन्द्रीय पुस्तकालय में आयोजित की जाएगी। यह प्रदर्शनी विश्वविद्यालय के सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों, शोधार्थियों एवं कर्मचारियों के लिए खुली रहेगी।
