चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में ‘हरियाणा उत्सव’ का भव्य आगाज़: संस्कृति, शिक्षा और युवा ऊर्जा का संगम
हरियाणा उत्सव का शुभारम्भ : कुलगुरु बोले—‘हरियाणवी संस्कृति का स्वर्णिम भविष्य, हम सबको मिलकर इसे संरक्षित करना है’
हरियाणवी कलाकारों और मान्यवरों की गरिमामयी उपस्थिति में तीन दिवसीय ‘हरियाणा उत्सव’ हुआ आरंभ
जीन्द। चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जीन्द में तीन दिवसीय ‘हरियाणा उत्सव’ का शुभारम्भ अत्यंत भव्यता और सांस्कृतिक गरिमा के साथ हुआ। उद्घाटन समारोह का नेतृत्व कुलगुरु प्रो. (डॉ.) राम पाल सैनी ने किया। कक्षाओं, गलियारों और मंच से लेकर विश्वविद्यालय के विशाल पंडाल तक हर जगह हरियाणवी रंग, लोकगंध और उत्साह का वातावरण दिखाई दिया। हरियाणवी कलाकारों, विद्यार्थियों, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न क्षेत्रों से आए विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति ने प्रथम दिवस को अत्यंत प्रेरणादायक बना दिया।
उद्घाटन अवसर पर संबोधित करते हुए कुलगुरु प्रो. राम पाल सैनी ने कहा कि “आने वाला समय हरियाणवी गीतों, लोककला और सिनेमा का है। यदि युवा इस दिशा में कार्य करें तो अपार संभावनाएं हैं। यह केवल कला नहीं—हमारी संस्कृति, हमारी विरासत और हमारी अस्मिता है। इसे सँजोने और आगे बढ़ाने का दायित्व हम सभी का है।” उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा इस उत्सव का आयोजन केवल सांस्कृतिक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि यह संदेश है कि जीन्द का CRSU हरियाणा की सर्वश्रेष्ठ सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित और विकसित करने के लिए दृढ़ संकल्पित है।
कुलगुरू ने अपने संबोधन में जीन्द के लोकप्रिय नेता स्वर्गीय हरिचन्द मिड्ढा का स्मरण करते हुए कहा कि उनकी इच्छा अनुसार आज ग्रामीण अंचल की बेटियों के लिए शिक्षा के द्वार खुल चुके हैं। उन्होंने मुख्य अतिथि, हरिचन्द मिड्ढा के सुपुत्र एवं हरियाणा विधानसभा के माननीय स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा का विशेष स्वागत किया। उन्होंने यह भी बताया कि हरियाणवी संस्कृति के संरक्षण में सदैव सक्रिय दादा लखमी चंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विश्वविद्यालय के कुलगुरू अमित आर्य का आगमन भी अत्यंत उत्साहजनक है।
समारोह में जिला पुलिस अधीक्षक श्री कुलदीप सिंह, जीन्द की पहली महिला नेत्री एवं नगर निगम चेयरपर्सन अनुराधा सैनी, कनाडा से आए डॉ. गुरून्दिर सिंह हांडा, पूर्व प्राचार्य कुलबीर रेढ़ू (ज्यूरी मेंबर), एम.एन. कॉलेज शाहबाद के पूर्व प्राचार्य डॉ. हरपाल सिंह (ऑब्जर्वर) तथा कल्चर काउंसिल की अध्यक्ष अनीता मोर ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। कुलसचिव प्रो. लवलीन मोहन के योगदान की भी कुलगुरु ने सराहना करते हुए आभार प्रकट किया।
हरियाणा के लोककलाकारों—माननीय बुद्ध राम, एस. जी. रॉय (दिल्ली), सुशील (कैथल), डी.वी. सैनी (रोहतक), प्रेम देहाती, सूरज बेदी, लीला सैनी और प्रसिद्ध सिंगर अमन जाजी—की उपस्थिति ने प्रथम दिवस के सांस्कृतिक माहौल को नए आयाम प्रदान किए। पंडाल में उमड़ी भीड़ ने कलाकारों का उत्साह कई गुना बढ़ा दिया।
मुख्य अतिथि डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने अपने संबोधन में कहा कि “हरियाणा की संस्कृति मेहनत, मिट्टी और मन की सादगी का अफसाना है। धूप में लिखी इस धरती की कहानी कदम बढ़ाने वालों की है—जो आगे बढ़ते हैं, कामयाबी स्वयं रास्ता दिखाती है।” उन्होंने कहा कि युवा ही संस्कृति के वाहक हैं और ऐसे आयोजनों से उनमें नई ऊर्जा का संचार होता है।
मुख्य अतिथि पूर्व सांसद जनरल डी.पी. वत्स ने अपने उद्बोधन में कहा कि “आज यहां के युवाओं की उमंग, ऊर्जा और जोश को देखकर मुझे अपने सेना के दिनों और अपनी जवानी की याद ताजा हो गई है। जिस अनुशासन, समर्पण और उत्साह से आप सभी इस ‘हरियाणा उत्सव’ में भाग ले रहे हैं, वह वास्तव में प्रशंसनीय है।”
उन्होंने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक उत्सव न केवल कला और परंपरा को जीवित रखते हैं, बल्कि युवा पीढ़ी में गौरव, स्वाभिमान और सांस्कृतिक बोध भी विकसित करते हैं।
जनरल वत्स ने कहा कि “हरियाणा उत्सव हमारी मिट्टी की खुशबू, हमारे इतिहास की गरिमा और हमारी सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक है। जब विश्वविद्यालय इस स्तर पर संस्कृति को मंच देता है, तो इससे न केवल कलाकारों को पहचान मिलती है, बल्कि प्रदेश की पहचान सुदृढ़ होती है।”
लोकप्रिय सिंगर अमन जाजी के आधुनिक–लोक मिश्रित संगीत ने समारोह में चार चाँद लगा दिए। उनके गीत ‘बहु चौधरियां की’ पर छात्रों और छात्राओं ने जमकर आनंद लिया। पूरा पंडाल तालियों, ठुमकों और उत्साह से गूंज उठा।
सांय सत्र में प्रमुख अतिथि एवं प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने कहा कि हरियाणा सरकार संस्कृति, इतिहास और परंपराओं को युवा पीढ़ी से जोड़ने के लिए अनेक योजनाओं पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि “CRSU द्वारा आयोजित यह उत्सव केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवा चरित्र निर्माण की यात्रा है। हरियाणा की पहचान को राष्ट्रीय मानचित्र पर स्थापित करने में विश्वविद्यालय महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।”
उन्होंने हरियाणा की संस्कृति को “हमारी आत्मा, हमारी शान और हमारा गौरव” बताते हुए कहा कि लोकगीतों में जीवन की सरलता है, बोली में अपनापन, नृत्यों में उत्साह और मिट्टी में संस्कार बसते हैं। उन्होंने विश्वास प्रकट किया कि आने वाला समय हरियाणवी संस्कृति की वैश्विक पहचान का होगा।
इस प्रकार हरियाणा उत्सव का प्रथम दिवस सांस्कृतिक रंगों, लोक परंपराओं, युवा शक्ति और कलात्मक उमंग का अद्वितीय संगम बनकर अविस्मरणीय बना।
मीडिया चौपाल में सीआरएसयू के छात्रों की धमाकेदार प्रस्तुति
कुलपति और मोहन लाल बड़ौली का देसी हरियाणवी स्टाइल में खास इंटरव्यू
जींद। चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद के मास कम्युनिकेशन विभाग द्वारा आयोजित मीडिया चौपाल में छात्रों ने अपने हुनर और रचनात्मकता का ऐसा शानदार प्रदर्शन किया कि कार्यक्रम देखते ही देखते चर्चा का केंद्र बन गया। इस अवसर पर विभाग के विद्यार्थियों ने हरियाणवी संस्कृति की सुगंध से भरे देसी अंदाज़ में प्रसिद्ध कलाकार मोहन लाल बड़ौली और विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. (डॉ.) राम पाल सैनी का जीवंत व मनोरंजक साक्षात्कार लेकर सभी को चकित कर दिया।
बातचीत में उन्होंने हरियाणा की सांस्कृतिक पहचान, लोक–परंपराओं तथा समकालीन मीडिया पर सार्थक प्रश्न पूछे। देसी हरियाणवी बोलचाल, ह्यूमर और तेवर ने माहौल को एकदम पारंपरिक रंग में रंग दिया।
कुलगुरु प्रो. सैनी ने छात्रों की पहल की सराहना करते हुए कहा कि
“हमारे विद्यार्थी जिस आत्मविश्वास के साथ संवाद कर रहे हैं, वह मीडिया के भविष्य की मजबूत नींव है। देसी संस्कृति के साथ आधुनिक पत्रकारिता का यह संगम अनुकरणीय है।”
वहीं, हरियाणवी कला–संस्कृति के लोकप्रिय चेहरों में से एक मोहन लाल बड़ौली ने छात्रों के सवालों की तारीफ करते हुए कहा कि
“आज की युवा पीढ़ी में जिज्ञासा और अभिव्यक्ति की ऐसी ताकत देखकर गर्व होता है। अपने माटी–पानी से जुड़े रहकर मीडिया में काम करना ही असली पहचान है।”
मीडिया चौपाल ने न सिर्फ छात्रों की संवाद–कौशल, प्रस्तुति–कला और पत्रकारिता–बोध को निखारा, बल्कि उन्हें वास्तविक मीडिया अनुभव भी प्रदान किया। कार्यक्रम के अंत में विभागाध्यक्ष और संकाय सदस्यों ने छात्रों को रचनात्मक पत्रकारिता के लिए प्रोत्साहित किया और इसे विभाग की उपलब्धि बताया।
हरियाणा उत्सव में पाँच विश्वविद्यालयों और 22 कॉलेजों की 45 टीमों ने भाग लिया, देसी रंग में करेगी शानदार प्रदर्शन
चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद में आयोजित हरियाणा उत्सव में प्रदेशभर से पाँच विश्वविद्यालयों और 22 कॉलेजों की प्रतिभागी टीमें शामिल हुई हैं। तीन दिवसीय इस भव्य उत्सव में सभी टीमें लोकनृत्य, लोकगीत, कला, साहित्य, नाटक सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं में अपना शानदार प्रदर्शन करेंगी और हरियाणा की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रूप में प्रस्तुत करेंगी।
