चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद में कश्मीर से आए युवा डेलीगेशन का भव्य स्वागत

January 12, 2026

जींद, 09 जनवरी 2026: 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' की परिकल्पना को साकार करते हुए आज चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद में 'यूथ वेलफेयर प्रोग्राम' के तहत कश्मीर से आए 30 सदस्यीय डेलीगेशन का भव्य अभिनंदन किया गया। इस दल में 15 छात्राएं, 10 छात्र और 5 प्रबंधन टीम के सदस्य शामिल हैं। यह यात्रा देश के विभिन्न कोनों से आए युवाओं के बीच सांस्कृतिक तालमेल, राष्ट्रीय अखंडता और आपसी भाईचारे को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोजित की गई है।

"युवा ही राष्ट्र की एकता के असली सूत्रधार" सुबह 9 बजे आयोजित मुख्य समारोह में डेलीगेशन का स्वागत करते हुए विश्वविद्यालय के माननीय कुलगुरु प्रो. राम पाल सैनी ने कहा, "कश्मीर से आए ये युवा केवल अतिथि नहीं, बल्कि हमारे सांस्कृतिक राजदूत हैं। हरियाणा और कश्मीर की संस्कृतियों का यह मिलन राष्ट्रीय एकता की नींव को और मजबूत करेगा।"

कुलगुरु ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों का विवरण साझा करते हुए बताया कि CRSU निरंतर शोध और नवाचार के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि शिक्षा का असली उद्देश्य सीमाओं को लांघकर दिलों को जोड़ना है। उन्होंने कश्मीरी छात्रों को हरियाणा की मेहमाननवाजी और यहाँ के शैक्षणिक वातावरण का भरपूर लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।

कुलसचिव डॉ. राजेश बंसल विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा, "विद्यार्थी जीवन ही वह समय है जब हम देश की विविधता को करीब से जान सकते हैं। हमारा प्रयास है कि कश्मीर से आए ये युवा यहाँ से केवल यादें ही नहीं, बल्कि हरियाणा की समृद्ध परंपराओं और यहाँ के युवाओं का प्रेम भी साथ लेकर जाएं।" उन्होंने विश्वविद्यालय में छात्रों के कल्याण के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं के बारे में भी डेलीगेशन को विस्तार से जानकारी दी।

इस विज़िट का मकसद युवाओं के भीतर राष्ट्रीयता की भावना को प्रगाढ़ करना है। जब अलग-अलग क्षेत्रों के युवा आपस में संवाद करते हैं, तो रूढ़ियां टूटती हैं और एक साझा समझ विकसित होती है।

समारोह के पश्चात डेलीगेशन ने विश्वविद्यालय के सभी शैक्षणिक विभागों, अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं और पुस्तकालय का भ्रमण किया। इस दौरान कश्मीरी छात्रों ने विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के साथ 'इंटरैक्शन सेशन' में हिस्सा लिया। दोनों राज्यों के युवाओं ने एक-दूसरे के खान-पान, लोक कलाओं और शिक्षा प्रणाली पर चर्चा की, जिससे परिसर में लघु भारत का दृश्य जीवंत हो उठा। इस मौके पर विश्वविद्यालय के शिक्षक व भारी संख्या में छात्र उपस्थित रहे।