चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद में वित्तीय वर्ष 2026 के बजट को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

March 11, 2026

चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद में वित्तीय वर्ष 2026 के बजट को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक विश्वविद्यालय के वित्तीय विभाग द्वारा आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता कुलगुरु प्रो. (डॉ.) राम पाल सैनी ने की। बैठक में विश्वविद्यालय के वित्तीय प्रबंधन, विकास कार्यों तथा शैक्षणिक गतिविधियों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक के दौरान सर्वसम्मति से विश्वविद्यालय के लिए वित्तीय वर्ष 2026 का बजट 147 करोड़ 87 लाख 66 हजार रुपये स्वीकृत (पास) किया गया। इसी महीने आयोजित होने वाली एग्जीक्यूटिव काउंसिल और कोर्ट की मीटिंग में इस बजट को पारित होने के लिए भेजा जाएगा और इस बैठक में पास होने के बाद गवर्नमेंट के पास पारित होने के लिए भेजा जाएगा।

इस अवसर पर उपस्थित सभी सदस्यों ने बजट के विभिन्न पहलुओं पर अपने सुझाव एवं विचार साझा किए तथा विश्वविद्यालय के समग्र विकास के लिए बजट के प्रभावी और योजनाबद्ध उपयोग पर विचार-विमर्श किया।

बैठक में हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों सहित विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों एवं शिक्षाविदों ने भाग लिया। बैठक में प्रो. (डॉ.) राम पाल सैनी, कुलगुरु, चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद ने अध्यक्ष के रूप में बैठक की अध्यक्षता की। इसके अलावा प्रो. सुभाष चंद, वाणिज्य विभाग, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र, श्री हरपाल सिंह, मुख्य लेखा अधिकारी, डी.जी.पी. कार्यालय, हरियाणा, पंचकूला, प्रो. आनंद मलिक, डीन, लाइफ साइंस संकाय, चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद तथा प्रो. विशाल वर्मा, डीन, फिजिकल साइंस संकाय, चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद फाइनेंस ऑफिसर डॉ रवि भूषण चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद बैठक में उपस्थित रहे। बैठक के मेंबर सेक्रेटरी के रूप में डॉ. राजेश कुमार बंसल, कुलसचिव, चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद ने कार्यवाही का संचालन किया। इसके साथ ही हरियाणा सरकार के वित्त विभाग, उच्च शिक्षा विभाग तथा तकनीकी शिक्षा विभाग के नामित अधिकारियों ने भी बैठक में भाग लिया।

बैठक के दौरान सभी सदस्यों ने विश्वविद्यालय की वित्तीय आवश्यकताओं, शैक्षणिक गतिविधियों के विस्तार, आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण तथा विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के विषय में अपने महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। सदस्यों ने इस बात पर भी बल दिया कि बजट का उपयोग योजनाबद्ध, पारदर्शी एवं प्रभावी तरीके से किया जाए, ताकि विश्वविद्यालय के शैक्षणिक, शोध एवं विकास कार्यों को और गति मिल सके।

इस अवसर पर कुलगुरु प्रो. (डॉ.) राम पाल सैनी ने कहा कि विश्वविद्यालय को प्राप्त बजट का उपयोग पूरी पारदर्शिता और सुनियोजित ढंग से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस बजट के माध्यम से विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा तथा विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन का प्रयास रहेगा कि उपलब्ध संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग करते हुए संस्थान को शैक्षणिक उत्कृष्टता की दिशा में आगे बढ़ाया जाए।

वहीं कुलसचिव डॉ. राजेश कुमार बंसल ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। उन्होंने बताया कि बजट का उपयोग विश्वविद्यालय के शैक्षणिक, प्रशासनिक तथा आधारभूत ढांचे के विकास के लिए प्रभावी तरीके से किया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि सभी विभागों के सहयोग से बजट का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों और शिक्षकों को एक बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई और सभी सदस्यों ने विश्वविद्यालय के समग्र विकास के लिए मिलकर कार्य करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।