चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में नवरात्रों के उपलक्ष्य में योग विज्ञान विभाग द्वारा प्रतिदिन यज्ञ का आयोजन
चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में नवरात्रों के पावन अवसर पर योग विज्ञान विभाग द्वारा प्रतिदिन यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। यह आध्यात्मिक एवं स्वास्थ्यवर्धक पहल विभागाध्यक्ष प्रो. कुलदीप नारा के सानिध्य में प्रारंभ की गई है, जबकि विभाग प्रभारी आचार्य वीरेंद्र कुमार के कुशल नेतृत्व में यज्ञ चिकित्सा संपन्न करवाई जा रही है।
इस यज्ञ में विभिन्न औषधियों के साथ गायत्री मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र एवं दुर्गा मंत्र का विधि पूर्वक उच्चारण किया जाता है। इन मंत्रों के जप से न केवल आध्यात्मिक शुद्धि होती है, बल्कि मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा एवं पर्यावरणीय संतुलन को भी बढ़ावा मिलता है।
यज्ञ के दौरान आचार्य वीरेंद्र कुमार उपस्थित जनों को मंत्रों एवं औषधियों के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हैं। उन्होंने बताया कि गायत्री मंत्र का उच्चारण वातावरण को सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण करता है तथा मानसिक एकाग्रता और बुद्धि की शुद्धि में सहायक होता है। वहीं महामृत्युंजय मंत्र को स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं रोग निवारण के लिए अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है, जिसका जप मानसिक शांति प्रदान करता है।
दुर्गा मंत्र शक्ति, साहस एवं सुरक्षा का प्रतीक है, जो नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने तथा आत्मबल को बढ़ाने में सहायक माना जाता है। यज्ञ के दौरान इसका विशेष रूप से प्रयोग संकट निवारण एवं आंतरिक शक्ति के संचार के लिए किया जाता है।
यज्ञ चिकित्सा में प्राकृतिक औषधियों एवं हवन सामग्री का विशेष महत्व है। इसमें प्रयुक्त गुग्गुल वायु को शुद्ध करने तथा जीवाणुओं को नष्ट करने में सहायक होता है। तुलसी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में उपयोगी है, जबकि नीम वातावरण को कीटाणुमुक्त बनाने में प्रभावी भूमिका निभाता है। इसके अतिरिक्त, गाय का शुद्ध देसी घी यज्ञ अग्नि को प्रज्वलित कर औषधीय तत्वों को वातावरण में फैलाने में सहायक होता है।
इन सभी औषधियों के धुएं में एंटी बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो वातावरण को शुद्ध करने के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव डालते हैं। इस प्रकार, यज्ञ चिकित्सा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि शारीरिक, मानसिक एवं पर्यावरणीय संतुलन को सुदृढ़ करने वाली एक समग्र स्वास्थ्य पद्धति है।
विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित यह यज्ञ कार्यक्रम न केवल आध्यात्मिक चेतना को जागृत कर रहा है, बल्कि विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों के बीच सकारात्मक ऊर्जा एवं सामूहिक सहभागिता की भावना को भी प्रोत्साहित कर रहा है।
