डॉ. भीमराव आंबेडकर पुस्तकालय का भव्य उद्घाटन – ज्ञान और शोध का नया केंद्र स्थापित

April 7, 2026

चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद में 05 अप्रैल 2026 को ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की, ₹56 करोड़ 36 लाख की लागत से निर्मित अत्याधुनिक डॉ. भीमराव आंबेडकर पुस्तकालय का भव्य उद्घाटन हरियाणा के माननीय मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी द्वारा किया गया।

इस गरिमामयी अवसर पर हरियाणा विधानसभा के माननीय उपाध्यक्ष श्री कृष्ण लाल मिड्ढा तथा विश्वविद्यालय कुलगुरु प्रो. (डॉ.) राम पाल सैनी तथा कुलसचिव प्रो. सीमा गुप्ता विशेष रूप से उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह पुस्तकालय केवल एक इमारत नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य का सशक्त आधार है, जो उन्हें आधुनिक संसाधनों के माध्यम से ज्ञान और शोध के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की आधुनिक लाइब्रेरी विद्यार्थियों को बेहतर संसाधन उपलब्ध कराकर उन्हें प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने के लिए प्रेरित करेगी तथा राज्य को शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।

वहीं कुलगुरु प्रो. (डॉ.) राम पाल सैनी ने अपने वक्तव्य में कहा कि यह बहुमंजिला पुस्तकालय विश्वविद्यालय के शैक्षणिक ढांचे को और अधिक मजबूत करेगा तथा विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों के लिए 24×7 अध्ययन और अनुसंधान का अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराएगा।

प्रो. (डॉ.) सैनी बताया कि यह लाइब्रेरी विश्वविद्यालय के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने बताया कि इस लाइब्रेरी के माध्यम से विद्यार्थियों को एक ही स्थान पर पारंपरिक एवं डिजिटल दोनों प्रकार के अध्ययन संसाधन उपलब्ध होंगे, जिससे उनके ज्ञान और कौशल का समग्र विकास सुनिश्चित होगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह सुविधा विद्यार्थियों को शोध, नवाचार और प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं की तैयारी में विशेष रूप से सहायक सिद्ध होगी।

यह आधुनिक पुस्तकालय अनेक उन्नत सुविधाओं से युक्त है, जिनमें 24×7 रीडिंग हॉल, 2000 से अधिक विद्यार्थियों के बैठने की क्षमता, शोधार्थियों एवं फैकल्टी के लिए पृथक अध्ययन कक्ष, पूर्णतः वातानुकूलित भवन, CCTV निगरानी, RFID आधारित लाइब्रेरी ऑटोमेशन सिस्टम तथा निरंतर विद्युत आपूर्ति के लिए बैकअप सुविधा शामिल हैं। इसके अतिरिक्त CRSU ई-लाइब्रेरी मोबाइल ऐप और ई-संसाधनों तक पहुंच के लिए ‘वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन (ONOS)’ जैसी सुविधाएं विद्यार्थियों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाएंगी। पुस्तकालय के भूतल एवं प्रथम तल पर हेल्प डेस्क, न्यू अराइवल सेक्शन, डिस्कशन एरिया, प्रॉपर्टी काउंटर तथा उपयोगकर्ता सेवाओं के लिए टक शॉप स्थापित की गई है, जबकि ऊपरी मंजिलों पर विशाल एवं शांत रीडिंग हॉल, प्रशासनिक इकाइयां, पुस्तक भंडारण क्षेत्र, थीसिस सेक्शन और ई-रिसोर्स हेतु इंटरनेट लैब की व्यवस्था की गई है।

लाइब्रेरी पूर्णतः वातानुकूलित (AC) है, जिससे विद्यार्थियों को हर मौसम में आरामदायक वातावरण प्राप्त होगा। साथ ही, यहां शांत एवं एकाग्रता बढ़ाने वाला अध्ययन माहौल सुनिश्चित किया गया है, जिससे विद्यार्थी बिना किसी व्यवधान के अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकें। भवन के बेसमेंट में विद्यार्थियों एवं स्टाफ के लिए विशाल पार्किंग सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

डॉ अनिल कुमार डिप्टी लाइब्रेरियन ने कहा कि इस प्रकार की विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदेश के युवाओं को प्रतिस्पर्धी और आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। यह बहुमंजिला पुस्तकालय विश्वविद्यालय में ज्ञान, अध्ययन और अनुसंधान का एक सशक्त केंद्र बनने जा रहा है, जो न केवल विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास को नई दिशा देगा, बल्कि समग्र रूप से विश्वविद्यालय के शिक्षण, अधिगम और अनुसंधान वातावरण को भी समृद्ध करेगा।

इस विश्वविद्यालय पुस्तकालय के निर्माण कार्य को एनबीसीसी, जो कि भारत सरकार का एक नवरत्न सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम (CPSE) है, द्वारा सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया। इस अवसर पर एस डी ओ ललित कुमार और एन बी सी से डा. ललित खनका डिप्टी जनरल मैनेजर, मुकेश ताले चीफ जनरल मैनेजर विशेष रूप से उपस्थित रहे।