शिक्षक शिक्षा : एनईपी 2020 के अनुरूप नवाचार और नई दिशा पर चर्चा – प्रो. निवेदिता
चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालय कुलपति प्रो राम पाल सैनी के मार्गदर्शन में “राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में कल्पित शिक्षक शिक्षा” विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य वक्ता सीडीएलयू की प्रो. निवेदिता हुड्डा रहीI
इस अवसर पर विभाग अध्यक्ष डॉ कुलदीप नारा व विभाग प्रभारी डॉ. कपिल देव ने विभाग में पहुंचने पर प्रो. निवेदिता का स्वागत किया I
प्रो. निवेदिता ने अपने व्याख्यान में शिक्षक शिक्षा के वर्तमान परिप्रेक्ष्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की विशेषताओं पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 21वीं सदी के विद्यार्थियों के लिए 21वीं सदी के शिक्षकों की आवश्यकता है, जो डिजिटल स्किल्स, सहानुभूति और बहुआयामी दक्षताओं से युक्त हों। उन्होंने कहा कि अब शिक्षक केवल ज्ञान देने वाला नहीं बल्कि एक सुविधादाता और मार्गदर्शक की भूमिका निभाएगा।
उन्होंने बाल-केंद्रित पाठ्य-पद्धतियाँ, क्रियात्मक अधिगम, सोचो-जुड़ो-साझा करो, सामुदायिक आधार पर अधिगम, भिन्नात्मक निर्देश तथा प्रौद्योगिकी समेकित शिक्षण जैसी नवीन शिक्षण विधियों पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि एनईपी-2020 के तहत संयुक्त शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम (ITEP) आरंभ किया गया है, जिसमें चार वर्षीय बहुविषयी डिग्री का प्रावधान है। इसके साथ ही शिक्षकों के लिए राष्ट्रीय पेशेवर मानक (NPST) और राष्ट्रीय मार्गदर्शन मिशन (NMM) जैसी योजनाएँ भी शुरू की गई हैं, जो शिक्षकों के निरंतर व्यावसायिक विकास पर केंद्रित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक शिक्षक को प्रतिवर्ष कम से कम 50 घंटे के प्रशिक्षण में भाग लेना चाहिए ताकि शिक्षण की गुणवत्ता और प्रभावशीलता बनी रहे। अंत में उन्होंने यह संदेश दिया कि शिक्षण केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि एक सामाजिक सेवा है, जो भारतीय मूल्यों, नैतिकता और समावेशन के सिद्धांतों पर आधारित होनी चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में विभागाध्यक्ष ने मुख्य वक्ता का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह व्याख्यान छात्रों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायी रहा। कार्यक्रम में डॉ रितु रानी, डॉ सविता रानी, श्रीमती रोमी कादयान और सभी विद्यार्थी उपस्थित रहे।
