शैक्षणिक भ्रमण: ललित कला विद्यार्थियों के लिए रचनात्मक एवं ज्ञानवर्धक अनुभव

March 20, 2026

चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद के कुलगुरु प्रो. (डॉ.) राम पाल सैनी के नेतृत्व एवं विभागाध्यक्ष डॉ. जसवीर सिंह के मार्गदर्शन में ललित कला विभाग द्वारा विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं रचनात्मक विकास को प्रोत्साहित करने हेतु समग्र शैक्षणिक भ्रमण का सफलतापूर्वक आयोजन संपन्न हुआ ।

इस शैक्षणिक भ्रमण के अंतर्गत विद्यार्थियों ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र के ललित कला विभाग में आयोजित वार्षिक कला प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में चित्रकला, मूर्तिकला, अनुप्रयुक्त कला एवं भित्ति चित्रकला जैसे विविध माध्यमों में तैयार उत्कृष्ट एवं सृजनात्मक कलाकृतियों को देखकर विद्यार्थियों ने कला की तकनीकी एवं सौन्दर्यात्मक विशेषताओं को गहराई से समझा।

भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों के साथ सहायक प्राध्यापक डॉ. राहुल, श्री कमल, श्री प्रिंस एवं सुश्री अंजली भी उपस्थित रहे, जिन्होंने अपने-अपने विषय क्षेत्रों में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।

डॉ. राहुल ने विद्यार्थियों को चित्रकला की बारीकियों, रंग-संयोजन, संरचना एवं अभिव्यक्ति के विभिन्न आयामों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी, जिससे विद्यार्थियों की कलात्मक समझ और अधिक परिष्कृत हुई।

श्री कमल ने अनुप्रयुक्त कला के व्यावहारिक पक्ष एवं उसके समकालीन उपयोगों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह क्षेत्र किस प्रकार आधुनिक जीवन एवं उद्योगों से जुड़ा हुआ है।

श्री प्रिंस ने मूर्तिकला की तकनीकों, विभिन्न माध्यमों एवं संरचनात्मक विशेषताओं को सरल एवं प्रभावी ढंग से समझाया, जिससे विद्यार्थियों को इस विधा के प्रति नई दृष्टि प्राप्त हुई।

वहीं, सुश्री अंजली ने भित्ति चित्रकला की शैली, उसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि तथा दीवार चित्रण की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की, जिससे विद्यार्थियों को पारंपरिक एवं आधुनिक कलाओं के समन्वय को समझने का अवसर मिला।

विद्यार्थियों ने प्रदर्शनी में प्रदर्शित कलाकृतियों का गहन अवलोकन करते हुए उनकी रचनात्मकता, नवीनता एवं तकनीकी दक्षता से प्रेरणा प्राप्त की। यह अनुभव उनके कलात्मक दृष्टिकोण को विकसित करने एवं उनकी सृजनात्मक क्षमता को प्रोत्साहित करने में अत्यंत सहायक सिद्ध हुआ।

इसके अतिरिक्त, विद्यार्थियों ने हरियाणा धरोहर संग्रहालय, कृष्ण संग्रहालय, कुरुक्षेत्र पैनोरमा एवं विज्ञान केंद्र तथा ब्रह्म सरोवर का भी अवलोकन किया। इन स्थलों के भ्रमण से उन्हें हरियाणा की समृद्ध सांस्कृतिक, ऐतिहासिक एवं धार्मिक विरासत के बारे में महत्वपूर्ण एवं व्यापक जानकारी प्राप्त हुई।

यह संपूर्ण कार्यक्रम एक सुव्यवस्थित शैक्षणिक भ्रमण के रूप में आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के ज्ञान, रचनात्मकता एवं व्यावहारिक समझ को सुदृढ़ करना था। इस प्रकार के आयोजनों से विद्यार्थियों को कक्षा के बाहर सीखने का अवसर मिलता है, जो उनके सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।