सीआरएसयू, जींद के मनोविज्ञान विभाग द्वारा आर्ट थेरेपी विषय पर कार्यशाला का आयोजन

February 23, 2026

चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय (सीआरएसयू), जींद के माननीय कुलगुरु प्रो. राम पाल सैनी के कुशल नेतृत्व, दूरदर्शी मार्गदर्शन में मनोविज्ञान विभाग द्वारा विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य संवर्धन एवं भावनात्मक सशक्तिकरण के उद्देश्य से आर्ट थेरेपी विषय पर एक विशेष कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रख्यात शिक्षाविद् एवं मनोविज्ञान विशेषज्ञ प्रो. ऋषिपाल के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

प्रो. ऋषिपाल पूर्व में मनोविज्ञान, प्रबंधन एवं शिक्षाशास्त्र के प्रोफेसर रह चुके हैं तथा वे डीन, मैनेजमेंट स्टडीज एंड रिसर्च, कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन एवं चीफ वार्डन के पदों पर भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे श्री विश्वकर्मा स्किल विश्वविद्यालय, हरियाणा से संबद्ध रहे हैं। उनके व्याख्यान ने विद्यार्थियों को आर्ट थेरेपी के सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक पक्षों से गहराई से परिचित कराया।

कार्यक्रम का आयोजन विभाग की प्रभारी डॉ. अल्का सेठ के कुशल नेतृत्व एवं विभागाध्यक्ष डॉ. अजमेर सिंह के सान्निध्य में किया गया। विश्वविद्यालय के माननीय कुलगुरु प्रो. राम पाल सैनी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने के लिए इस प्रकार की रचनात्मक गतिविधियाँ अत्यंत आवश्यक हैं।

अपने संबोधन में प्रो. ऋषिपाल ने बताया कि आर्ट थेरेपी एक प्रभावी एवं वैज्ञानिक मनोवैज्ञानिक तकनीक है, जिसके माध्यम से व्यक्ति चित्रकला, रंगों एवं प्रतीकात्मक अभिव्यक्ति द्वारा अपनी आंतरिक भावनाओं, तनाव एवं चिंताओं को सहज रूप से व्यक्त कर सकता है। उन्होंने कहा कि यह विधि आत्म-जागरूकता, भावनात्मक संतुलन तथा सकारात्मक सोच को विकसित करने में सहायक सिद्ध होती है।

कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों ने मुक्त चित्रांकन एवं भावनात्मक रंग-अभिव्यक्ति जैसी गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। संवादात्मक एवं सहभागिता पूर्ण वातावरण में विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए तथा विशेषज्ञ से मार्गदर्शन प्राप्त किया। कार्यक्रम अत्यंत प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक सिद्ध हुआ।

मनोविज्ञान विभाग भविष्य में भी विद्यार्थियों के शैक्षणिक, मानसिक एवं भावनात्मक विकास हेतु इस प्रकार के नवाचार आधारित कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा।