सीआरएसयू, जींद में मनोविज्ञान विभाग द्वारा एक दिवसीय काउंसलिंग कैंप का सफल एवं प्रभावी आयोजन
सीआरएसयू, जींद में मनोविज्ञान विभाग द्वारा एक दिवसीय काउंसलिंग कैंप का सफल एवं प्रभावी आयोजन
चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद के कुलगुरु प्रो. (डॉ.) राम पाल सैनी के मार्गदर्शन में मनोविज्ञान विभाग द्वारा एक दिवसीय काउंसलिंग कैंप का सफलतापूर्वक एवं सुव्यवस्थित आयोजन किया गया। इस आयोजन में विद्यार्थियों ने विशेष रुचि दिखाते हुए बढ़-चढ़कर भाग लिया, जिससे पूरे परिसर में सकारात्मक एवं उत्साहपूर्ण वातावरण देखने को मिला। इस कैंप में 100 से अधिक टीचिंग, नॉन-टीचिंग स्टाफ तथा विद्यार्थियों ने अपनी काउंसलिंग करवाई और इस आयोजन को सफल बनाया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलसचिव प्रो. (डॉ.) सीमा गुप्ता ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई तथा विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक एवं तनावपूर्ण जीवन शैली में मानसिक स्वास्थ्य का महत्व अत्यंत बढ़ गया है। ऐसे काउंसलिंग कैंप विद्यार्थियों को अपनी भावनाओं को व्यक्त करने, समस्याओं को समझने तथा उनके समाधान की दिशा में सकारात्मक कदम उठाने के लिए प्रेरित करते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार की पहल न केवल व्यक्तिगत स्तर पर लाभकारी होती है, बल्कि समाज में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। प्रो. (डॉ.) गुप्ता ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन उन्हें संवेदनशील एवं जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में अग्रसर करते हैं।
इस अवसर पर कुलसचिव प्रो. (डॉ.) सीमा गुप्ता द्वारा डिप्लोमा के दौरान ही नौकरी प्राप्त करने वाले 4 विद्यार्थियों को मेडल प्रदान कर सम्मानित भी किया गया, जिससे अन्य विद्यार्थियों को प्रेरणा मिली।
मनोविज्ञान विभाग के चेयरपर्सन डॉ. अजमेर सिंह ने भी इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के काउंसलिंग कैंप विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास में अत्यंत सहायक सिद्ध होते हैं। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना आज समय की आवश्यकता है और इस दिशा में विभाग निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे भविष्य में भी इस तरह की सामाजिक एवं शैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाते रहें।
कैंप के बारे में जानकारी देते हुए मनोविज्ञान विभाग की इंचार्ज डॉ. अल्का सेठ ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को मानसिक, भावनात्मक एवं व्यवहारिक समस्याओं के समाधान हेतु एक सहज एवं सहयोगात्मक मंच प्रदान करना था। उन्होंने बताया कि कैंप में विद्यार्थियों द्वारा कुल 13 काउंसलिंग डेस्क स्थापित किए गए, जिनमें प्रत्येक डेस्क पर तीन-तीन विद्यार्थियों का समूह कार्यरत रहा। ये समूह प्रशिक्षित रूप से प्रतिभागियों की समस्याओं को सुनने, समझने तथा उचित मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए तत्पर रहे।
डॉ.अल्का सेठ ने आगे कहा कि इस प्रकार के कैंप विद्यार्थियों को न केवल सैद्धांतिक ज्ञान को व्यवहार में लागू करने का अवसर प्रदान करते हैं, बल्कि उनमें सहानुभूति, धैर्य, संप्रेषण कौशल एवं समस्या-समाधान की क्षमता का भी विकास करते हैं। विद्यार्थियों ने पूरे समर्पण एवं जिम्मेदारी के साथ अपनी भूमिका निभाई, जो उनकी सामाजिक जागरूकता एवं मानसिक स्वास्थ्य के प्रति गंभीरता को दर्शाता है।
कैंप के दौरान विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने खुलकर अपनी समस्याएं साझा की तथा विशेषज्ञतापूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त किया। इससे न केवल उनकी शंकाओं का समाधान हुआ, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास एवं मानसिक संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा भी मिली।
अंततः यह काउंसलिंग कैंप सभी प्रतिभागियों के लिए अत्यंत लाभकारी एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुआ। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल उतनी ही आवश्यक है जितनी शारीरिक स्वास्थ्य की, और इसके लिए ऐसे प्रयास समय-समय पर किए जाते रहना चाहिए
