19 देशों के 3000 से अधिक प्रतिभागियों की सहभागिता के साथ सीआरएसयू में अंतरराष्ट्रीय बहुविषयक सम्मेलन भव्य रूप से सम्पन्न

March 2, 2026

जींद। चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय (सीआरएसयू) के पावन शैक्षणिक प्रांगण में राष्ट्रीय सेवा योजना सेल द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय बहुविषयक सम्मेलन अत्यंत भव्य, प्रेरणादायक और ऐतिहासिक सिद्ध हुआ। कुलगुरु प्रो. राम पाल सैनी के मार्गदर्शन में आयोजित इस सम्मेलन ने विश्वविद्यालय की वैश्विक शैक्षणिक पहचान को नई ऊँचाइयों तक पहुंचाया। सम्मेलन में 19 देशों से 3000 से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया, जबकि 650 से अधिक शोध-पत्र प्रस्तुत एवं प्रकाशित किए गए। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में देखी जा रही है।

कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ दीप प्रज्वलन द्वारा किया गया। दीप की पवित्र ज्योति ने ज्ञान, सत्य और नवाचार के प्रकाश का संदेश दिया। देश-विदेश से आए शिक्षाविदों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों की उपस्थिति ने आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया।

अपने प्रेरणादायक संबोधन में कुलगुरु प्रो. राम पाल सैनी ने युवाओं को राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति बताया। उन्होंने कहा कि यदि युवा वर्ग नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहे तो देश का भविष्य उज्जवल होगा। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा युवाओं के सपनों को नष्ट कर देता है और शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि एक जागरूक, जिम्मेदार और संस्कारित नागरिक बनना है। उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना को ‘Not Me, But You’ की विचारधारा से जुड़ा सामाजिक आंदोलन बताते हुए विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे गांव-गांव जाकर नशामुक्ति, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जन-जागरूकता फैलाएं। उन्होंने इस सम्मेलन को विचारों का महाकुंभ बताते हुए कहा कि जब विभिन्न देशों के विद्वान एक मंच पर आते हैं तो ज्ञान की सीमाएं विस्तृत होती हैं और नए दृष्टिकोण विकसित होते हैं।

मुख्य वक्ता के रूप में नेशनल एंटी-डोपिंग एजेंसी (NADA) से पंकज सिंह ने खेलों में निष्पक्षता, पारदर्शिता और अनुशासन की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि डोपिंग खेल भावना के विरुद्ध है तथा खिलाड़ियों के स्वास्थ्य और भविष्य के लिए हानिकारक है। उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता और सच्ची जीत ईमानदारी, कठिन परिश्रम, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प से ही प्राप्त होती है। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए डोपिंग मुक्त भारत के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।

सम्मेलन में देश के विभिन्न प्रतिष्ठित शिक्षाविदों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने शोध, नवाचार और नैतिक मूल्यों की महत्ता पर बल देते हुए कहा कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा के इस युग में विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ-साथ नैतिकता और सामाजिक उत्तरदायित्व को भी प्राथमिकता देनी चाहिए।

अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के अंतर्गत आठ तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनमें विभिन्न विषयों पर प्रस्तुत शोध-पत्रों पर गहन चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने शोध की गुणवत्ता, नवीनतम और व्यावहारिक उपयोगिता पर अपने सुझाव दिए। इन सत्रों ने शोधार्थियों को अपने विचार प्रस्तुत करने और विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त करने का सशक्त मंच प्रदान किया।

सम्मेलन के दौरान आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भी सभी का मन मोह लिया। विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत, हरियाणवी लोकनृत्य, समूह गान और रंगारंग प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इन प्रस्तुतियों ने यह संदेश दिया कि शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण भी आवश्यक है।

राष्ट्रीय सेवा योजना प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर डॉ. नवीन लाडवाल ने अपने संबोधन में NSS की गतिविधियों, विशेष शिविरों, ग्रामीण विकास अभियानों, स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रमों और नशा मुक्ति अभियानों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि NSS का उद्देश्य विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करना है और स्वयंसेवकों को समाज की वास्तविक समस्याओं को समझते हुए समाधान का हिस्सा बनना चाहिए।

राष्ट्रीय सेवा योजना, हरियाणा के स्टेट नोडल अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार ने कहा कि NSS युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना विकसित करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से समाज सेवा और नशा मुक्ति अभियान में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया तथा “मैं नहीं, बल्कि आप” के मूल मंत्र को आत्मसात करने का संदेश दिया।

अंत में समापन समारोह राष्ट्रीय सेवा योजना के प्रोग्राम ऑफिसर डॉ जगपाल मान, डॉ राकेश सिहमार, डॉ देवेंदर यादव और डॉ कविता की देखरेख में राष्ट्रगान के सामूहिक गायन के साथ सम्मेलन का औपचारिक समापन हुआ। यह अंतरराष्ट्रीय बहुविषयक सम्मेलन ज्ञान, शोध, संस्कृति और सामाजिक चेतना का अद्भुत संगम बनकर उभरा तथा भविष्य में युवाओं को नशा मुक्ति, जागरूकता और समाज सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।