राष्ट्रीय शिक्षा नीति क्रियान्वयन उत्कृष्टता सम्मान–2025” – प्रोफेसर (डॉ.) राम पाल सैनी, कुलगुरु चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद सम्मानित
NEP-2020 के सफल क्रियान्वयन में हरियाणा के अग्रणी विश्वविद्यालयों में सीआरएसयू ने बनाया अपना स्थान
हरियाणा में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (एनईपी-2020) के प्रभावी कार्यान्वयन को प्रोत्साहित करने और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले संस्थानों को सम्मानित करने के उद्देश्य से “हरियाणा राज्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 कार्यान्वयन उत्कृष्टता पुरस्कार-2025” का आयोजन हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद द्वारा सोमवार को स्वर्ण जयंती भवन, पंचकूला में आयोजित किया गया।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 (NEP-2020) के प्रभावी एवं उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद के कुलगुरु प्रोफेसर (डॉ.) राम पाल सैनी को राज्य स्तर पर सम्मानित किया गया है। यह सम्मान विश्वविद्यालय द्वारा NEP-2020 के संस्थागत, बहुविषयक एवं नवाचारी क्रियान्वयन के लिए किए गए निरंतर प्रयासों की सशक्त पहचान है। इस उपलब्धि के साथ ही चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय ने स्वयं को हरियाणा के अग्रणी विश्वविद्यालयों की श्रेणी में स्थापित किया है।
पंचकुला में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री महिपाल ढांडा एवं हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष डॉ. कैलाश चंद्र शर्मा द्वारा चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय (सीआरएसयू) के कुलगुरु प्रो. (डॉ.) राम पाल सैनी को प्रदान किया गया। बहुविषयक शिक्षा, लचीले पाठ्यक्रम, कौशल विकास और छात्र-केंद्रित शिक्षण के क्षेत्र में सीआरएसयू की पहल सराहनीय है। यह सम्मान विश्वविद्यालय द्वारा स्नातक (UG) एवं स्नातकोत्तर (PG) स्तर पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 के सुव्यवस्थित, चरणबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के लिए दिया गया।
हरियाणा मुख्यमंत्री के ओएसडी डॉ. राज नेहरू ने भी चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय (सीआरएसयू) के कुलगुरु प्रो. (डॉ.) राम पाल सैनी को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई दी।
उल्लेखनीय है कि चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के बाद हरियाणा का दूसरा तथा देश का एकमात्र नवस्थापित विश्वविद्यालय है, जिसने अपने विश्वविद्यालय शिक्षण विभागों के साथ-साथ संबद्ध महाविद्यालयों में भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 को सफलतापूर्वक लागू किया है। वर्तमान में विश्वविद्यालय के लगभग 4500 छात्र-छात्राओं को NEP-2020 आधारित शिक्षा व्यवस्था का प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है, जबकि विश्वविद्यालय से संबद्ध 157 कॉलेजों के लगभग 57,500 विद्यार्थी भी इस नीति के अंतर्गत शैक्षणिक, कौशल एवं बहुविषयक लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
NEP-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में विश्वविद्यालय द्वारा हरियाणा के माननीय राज्यपाल एवं कुलाधिपति प्रो. आशीम कुमार घोष की अध्यक्षता में “NEP-2020 के अनुरूप बहुविषयक शिक्षा” विषय पर राष्ट्रीय एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन भी किया गया, जिसमें प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति, NEP समन्वयक एवं डीन अकादमिक अफेयर्स ने सहभागिता की। यह कार्यशाला उच्च शिक्षा सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुई।
डिजिटलीकरण के क्षेत्र में भी सीआरएसयू ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। विश्वविद्यालय हरियाणा का पहला ऐसा विश्वविद्यालय बना, जिसने 100 प्रतिशत अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स (ABC) विद्यार्थी IDs तथा 80 प्रतिशत राष्ट्रीय शैक्षणिक डिपॉजिटरी (NAD) IDs सृजित कर विद्यार्थियों की अकादमिक प्रगति को राष्ट्रीय डिजिटल ढांचे से जोड़ा।
कुलगुरु प्रो. (डॉ.) राम पाल सैनी ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 बहुविषयक शिक्षा के साथ-साथ कौशल-आधारित शिक्षण, व्यावहारिक ज्ञान, रोजगारपरक दक्षताओं और चरित्र निर्माण पर विशेष बल देती है। उन्होंने कहा कि इस नीति का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को नैतिक मूल्यों, सामाजिक जिम्मेदारी और आत्मनिर्भरता से युक्त नागरिक के रूप में विकसित करना है।
इस अवसर पर कुलगुरु प्रो. (डॉ.) राम पाल सैनी ने कहा कि यह सम्मान विश्वविद्यालय परिवार के सभी शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। इस सम्मान से विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय पहचान और प्रतिष्ठा और अधिक सशक्त हुई है तथा यह उपलब्धि अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी। यह उपलब्धि सीआरएसयू विश्वविद्यालय के नेतृत्व, शिक्षकों और कर्मचारियों की सामूहिक मेहनत का परिणाम है।
