चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद में श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई चौधरी रणबीर सिंह हुड्डा की पुण्यतिथि |

February 2, 2026

जींद। चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद में महान स्वतंत्रता सेनानी, प्रख्यात राजनेता एवं समाज सुधारक चौधरी रणबीर सिंह हुड्डा की पुण्यतिथि श्रद्धा, सम्मान और गरिमा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित उनकी प्रतिमा पर विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राम पाल सैनी, विभिन्न संकायों के डीन, विभागाध्यक्ष, प्रोफेसर, शिक्षक, अधिकारी एवं गैर-शिक्षक कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

इस अवसर पर कुलगुरु प्रो. राम पाल सैनी ने कहा कि चौधरी रणबीर सिंह हुड्डा भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के उन जुझारू सेनानियों में से थे, जिन्होंने राष्ट्र की आज़ादी के लिए अपने जीवन के अमूल्य वर्ष संघर्ष और बलिदान में समर्पित कर दिए। वे एक निर्भीक, सिद्धांतवादी एवं दूरदर्शी व्यक्तित्व के धनी थे, जिनकी सोच केवल राजनीति तक सीमित नहीं थी, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण से जुड़ी हुई थी।

उन्होंने कहा कि ब्रिटिश शासन के दौरान चौधरी रणबीर सिंह हुड्डा ने अनेक क्रांतिकारी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाई और अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ आवाज बुलंद की। स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान के लिए उन्हें कई बार जेल यात्राएं भी करनी पड़ीं, लेकिन उन्होंने कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। आजादी के बाद भी उन्होंने लोकतंत्र की मजबूती, सामाजिक न्याय, किसानों एवं श्रमिक वर्ग के अधिकारों तथा क्षेत्रीय विकास के लिए निरंतर कार्य किया।

कुलगुरु ने आगे कहा कि चौधरी रणबीर सिंह हुड्डा शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे सशक्त माध्यम मानते थे। उनके इसी दूरदर्शी विचार का परिणाम है कि आज उनके नाम से यह विश्वविद्यालय शिक्षा, शोध और नवाचार के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है। विश्वविद्यालय का यह दायित्व है कि वह उनके आदर्शों, राष्ट्रभक्ति, ईमानदारी और सेवा भावना को विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण से जोड़े।

कार्यक्रम के अंत में विश्वविद्यालय परिवार द्वारा यह संकल्प लिया गया कि चौधरी रणबीर सिंह हुड्डा के विचारों, बलिदान और राष्ट्र सेवा की भावना को भावी पीढ़ियों तक पहुँचाया जाएगा तथा विश्वविद्यालय को शैक्षणिक उत्कृष्टता और सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों तक ले जाने का निरंतर प्रयास किया जाएगा।