चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद के कुलगुरु प्रो. राम पाल सैनी के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालय के महिला प्रकोष्ठ (Women Cell) द्वारा महिलाओं के लिए एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद के कुलगुरु प्रो. राम पाल सैनी के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालय के महिला प्रकोष्ठ (Women Cell) द्वारा महिलाओं के लिए एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करना तथा महिला सशक्तिकरण के प्रति जागरूकता फैलाना था। वर्ष 2026 के महिला दिवस की थीम “Give to Gain” को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की महिला शिक्षिकाओं, गैर-शिक्षण कर्मचारियों के साथ-साथ विभिन्न विभागों की छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें मेहंदी प्रतियोगिता, रंगोली प्रतियोगिता तथा पेंटिंग प्रतियोगिता शामिल रहीं। इन प्रतियोगिताओं में शिक्षण एवं गैर-शिक्षण वर्ग की महिलाओं के साथ-साथ विश्वविद्यालय के अलग-अलग विभागों की छात्राओं ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी रचनात्मकता, कला तथा प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। प्रतिभागियों की सुंदर और आकर्षक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को और अधिक जीवंत बना दिया।
महिला प्रकोष्ठ की निदेशक डॉ. निशा देओपा ने इस अवसर पर कहा कि “अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस हमें यह संदेश देता है कि महिलाओं को समान अधिकार, न्याय और अवसर प्रदान करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। जब महिलाओं को अपनी प्रतिभा और क्षमताओं को प्रदर्शित करने के लिए उचित मंच मिलता है, तो वे समाज के विकास में एक सशक्त भूमिका निभाती हैं। महिला प्रकोष्ठ निरंतर ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से विश्वविद्यालय की महिलाओं को प्रोत्साहित करने और उनके आत्मविश्वास को मजबूत बनाने के लिए कार्य करता रहेगा।”
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं की उपलब्धियों का सम्मान करने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने का महत्वपूर्ण अवसर है। आज महिलाएं शिक्षा, प्रशासन, विज्ञान, खेल और समाज के हर क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय की सभी महिला शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्राओं के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से ही किसी भी संस्थान और समाज का समग्र विकास संभव है।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों की सराहना की गई और सभी ने मिलकर महिला सशक्तिकरण के इस प्रेरणादायक आयोजन को सफल बनाया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों की महिला शिक्षिकाएं, कर्मचारी तथा छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं।
