कर्मचारियों के लिए कार्यस्थल तनाव पर विस्तार व्याख्यान आयोजित

April 6, 2026

चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो (डॉ) राम पाल सैनी के मार्गदर्शन में वाणिज्य विभाग में 02 अप्रैल 2026 को कार्यस्थल तनाव (वर्क स्ट्रेस) विषय पर एक विस्तार व्याख्यान का सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रोफेसर डॉ. उमेद सिंह ने मुख्य वक्ता के रूप में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को संबोधित किया।

अपने संबोधन में डॉ. उमेद सिंह ने वर्तमान समय में बढ़ते कार्यस्थल तनाव को गंभीर चिंता का विषय बताते हुए इसके विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने तनाव और दबाव के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए कहा कि तनाव बाहरी दबाव होता है, जबकि उस दबाव का व्यक्ति के मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाला प्रभाव है। उन्होंने कहा कि यदि व्यक्ति समय रहते इन संकेतों को पहचान ले, तो गंभीर समस्याओं से बचाव संभव है।

उन्होंने तनाव पर प्रकाश डालते हुए बताया कि कार्यस्थल पर अस्पष्ट जिम्मेदारियां, भूमिका संघर्ष और अत्यधिक अपेक्षाएं तनाव के प्रमुख कारण हैं। इसके साथ ही उन्होंने व्यक्ति-पर्यावरण अनुकूलता मॉडल की व्याख्या करते हुए कहा कि जब व्यक्ति की क्षमताओं और कार्य वातावरण के बीच संतुलन नहीं होता, तो तनाव की स्थिति उत्पन्न होती है।

व्याख्यान के दौरान डॉ. उमेद सिंह ने काम का तनाव की समस्या पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक लगातार कार्य दबाव और मानसिक थकान के कारण व्यक्ति भावनात्मक रूप से कमजोर हो जाता है, जिससे उसकी कार्यक्षमता और उत्पादकता प्रभावित होती है।

इसके अलावा, उन्होंने अहंकारी व्यक्तित्व के प्रभावों को भी रेखांकित करते हुए बताया कि ऐसे व्यक्तित्व वाले लोग टीम वर्क में बाधा उत्पन्न करते हैं और कार्यस्थल का वातावरण तनावपूर्ण बना देते हैं।

डॉ. उमेद सिंह ने विद्यार्थियों को तनाव से बचाव के लिए प्रभावी उपाय अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि समय प्रबंधन, संतुलित जीवनशैली, नियमित व्यायाम, योग, ध्यान और सकारात्मक सोच को जीवन में शामिल करना आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि संस्थानों में सहयोगात्मक वातावरण और खुला संवाद तनाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कार्यक्रम के अंत में विभागाध्यक्ष जसवीर सिंह (विभाग अध्यक्ष) ने मुख्य वक्ता का धन्यवाद ज्ञापित किया और सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने इस व्याख्यान को अत्यंत ज्ञानवर्धक और उपयोगी बताया।