जनसंचार विभाग द्वारा “पेड न्यूज़ इन मीडिया” विषय पर एक महत्वपूर्ण एवं ज्ञानवर्धक शैक्षणिक व्याख्यान का सफल आयोजन किया गया।

April 8, 2026

चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद के कुलगुरु प्रो. राम पाल सैनी के कुशल मार्गदर्शन में जनसंचार विभाग द्वारा “पेड न्यूज़ इन मीडिया” विषय पर एक महत्वपूर्ण एवं ज्ञानवर्धक शैक्षणिक व्याख्यान का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को मीडिया की बदलती प्रवृत्तियों, नैतिक मूल्यों तथा पत्रकारिता की जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना था। व्याख्यान में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में मौलाना मजहरुल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय के सहायक प्राध्यापक डॉ. रंजीत कुमार ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। अपने संबोधन में उन्होंने पेड न्यूज की अवधारणा को विस्तार से समझाते हुए इसके विभिन्न स्वरूपों, कारणों एवं प्रभावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पेड न्यूज़ के माध्यम से विचारधारा, राजनीति तथा व्यावसायिक हितों से जुड़े समाचारों को प्रायोजित रूप में प्रस्तुत किया जाता है, जिससे आम जनता तक एक पक्षपातपूर्ण एवं प्रभावित जानकारी पहुँचती है।

डॉ. रंजीत कुमार ने यह भी स्पष्ट किया कि कई बार पेड न्यूज़ के जरिए भ्रामक एवं अपूर्ण सूचनाएँ प्रसारित कर समाज में गलत विमर्श को बढ़ावा दिया जाता है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए एक गंभीर चुनौती बताते हुए कहा कि यह प्रवृत्ति न केवल पत्रकारिता की निष्पक्षता और विश्वसनीयता को कमजोर करती है, बल्कि चुनावी प्रक्रिया में मतदाताओं के निर्णय को भी प्रभावित करती है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे सजग एवं जिम्मेदार नागरिक बनें और समाज में मीडिया साक्षरता को बढ़ावा देने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएँ।

जनसंचार विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अजमेर सिंह ने अपने वक्तव्य में कहा कि इस प्रकार के आयोजनों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को मीडिया की नैतिकता, पारदर्शिता और जिम्मेदार पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों से अवगत कराना है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि आज के समय में यह अत्यंत आवश्यक है कि विद्यार्थी पेड न्यूज़ और वास्तविक, निष्पक्ष समाचार के बीच स्पष्ट अंतर को समझें और सही जानकारी का चयन करना सीखें।

वहीं, जनसंचार विभाग के प्रभारी डॉ. बलराम बिंद ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे शैक्षणिक व्याख्यान विद्यार्थियों के बौद्धिक एवं व्यावहारिक विकास में अत्यंत सहायक सिद्ध होते हैं। उन्होंने बताया कि इससे विद्यार्थियों को न केवल सैद्धांतिक ज्ञान प्राप्त होता है, बल्कि वे वास्तविक जीवन में मीडिया की कार्यप्रणाली और चुनौतियों को भी बेहतर ढंग से समझ पाते हैं।

यह व्याख्यान विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुआ, जिसने उन्हें पत्रकारिता के मूल्यों, मीडिया की भूमिका और समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारियों के प्रति अधिक सजग और संवेदनशील बनाया।