चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद के कुलगुरु प्रो. राम पाल सैनी के मार्गदर्शन में शिक्षा विभाग द्वारा एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया।

April 16, 2026

चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद के कुलगुरु प्रो. राम पाल सैनी के मार्गदर्शन में शिक्षा विभाग द्वारा एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया। इस भ्रमण के अंतर्गत विभाग के लगभग 22 विद्यार्थियों ने 10 अप्रैल को “समुदाय सर्वेक्षण” विषय के तहत मानसिक दिव्यांग महिला अनाथ आश्रम एवं वृद्ध आश्रम, जींद का दौरा किया। इस गतिविधि का उद्देश्य विद्यार्थियों को कक्षा में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक रूप में लागू करने का अवसर प्रदान करना तथा उन्हें समाज के संवेदनशील वर्गों के जीवन से अवगत कराना था।

विभागाध्यक्ष प्रो. कुलदीप नारा ने अपने संबोधन में कहा, “शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं होती, बल्कि इसका वास्तविक उद्देश्य विद्यार्थियों को समाज से जोड़ना और उन्हें मानवीय मूल्यों से परिपूर्ण बनाना है। इस प्रकार के भ्रमण विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन की परिस्थितियों से रूबरू कराते हैं, जिससे वे अपने ज्ञान को अधिक प्रभावी ढंग से समझ और लागू कर पाते हैं। साथ ही, यह अनुभव उनके व्यक्तित्व विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।”

इस अवसर पर विभाग प्रभारी डॉ. कपिल देव ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा, “इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के समग्र विकास में अत्यंत सहायक सिद्ध होते हैं। इससे न केवल उनके ज्ञान का विस्तार होता है, बल्कि वे समाज के विभिन्न वर्गों की वास्तविक परिस्थितियों को समझ पाते हैं। मानसिक दिव्यांग, अनाथ एवं वृद्ध व्यक्तियों के जीवन को निकट से जानना विद्यार्थियों में संवेदनशीलता, सहानुभूति और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को विकसित करता है, जो एक अच्छे शिक्षक बनने के लिए अत्यंत आवश्यक है।”

आश्रम पहुंचने पर वहां की इंचार्ज श्रीमती सीमा ने सभी का हार्दिक स्वागत किया तथा स्टाफ के सहयोग से विद्यार्थियों को आश्रम का भ्रमण करवाया और आवश्यक जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया, “इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण समाज और शैक्षणिक संस्थानों के बीच एक सार्थक सेतु का कार्य करते हैं। इससे विद्यार्थियों को न केवल वास्तविक जीवन की परिस्थितियों को समझने का अवसर मिलता है, बल्कि वे सेवा और संवेदनशीलता के मूल्यों को भी आत्मसात करते हैं, जो समाज के निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।”

भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने आश्रम में रह रही महिलाओं एवं वृद्धजनों के साथ संवाद स्थापित किया, उनकी दैनिक दिनचर्या, समस्याओं एवं आवश्यकताओं को समझा तथा उनके जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं का गहन अध्ययन किया। इस अनुभव ने विद्यार्थियों को न केवल शैक्षणिक दृष्टि से समृद्ध किया, बल्कि उनके भीतर मानवीय संवेदनाओं को भी सुदृढ़ किया।

इस अवसर पर डॉ. रितु रानी, डॉ. रोमी , डॉ. सविता रानी, श्रीमती सुदेश तथा श्रीमती नीरू भी उपस्थित रहे।

अंत में सभी ने इस प्रकार के सामाजिक एवं शैक्षणिक आयोजनों को भविष्य में भी निरंतर आयोजित किए जाने पर बल दिया, ताकि विद्यार्थियों के समग्र विकास के साथ-साथ उनमें सामाजिक सरोकारों के प्रति जागरूकता और संवेदनशीलता का विकास होता रहे।