विरासत और आधुनिकता का संगम है कला प्रदर्शनी: प्रो. राम पाल सैनी

May 1, 2026

चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद के कुलगुरु प्रो. राम पाल सैनी के मार्गदर्शन में ललित कला विभाग द्वारा आयोजित “प्रथम वार्षिक कला प्रदर्शनी – कलादर्शनी” का आयोजन 30 अप्रैल से 4 मई 2026 तक डॉ. हरिचंद मिड्डा ऑडिटोरियम (टीबी-2), सीआरएसयू, जींद में सफलतापूर्वक किया गया। यह प्रोग्राम विश्वविद्यालय में 5 दिन तक आयोजित किया जाएगा।

इस प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने पेंटिंग, स्केचिंग, मूर्तिकला, इंस्टॉलेशन आर्ट तथा मिश्रित माध्यम (मिक्स्ड मीडिया) जैसी विभिन्न विधाओं के माध्यम से सामाजिक, सांस्कृतिक, पर्यावरणीय एवं समकालीन विषयों को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी, उनकी टीम भावना और आयोजन में उनकी जिम्मेदारियों का निर्वहन विशेष रूप से सराहनीय रहा। प्रदर्शनी की सजावट, प्रस्तुति और समन्वय में उनकी भूमिका ने कार्यक्रम को एक पेशेवर और आकर्षक स्वरूप प्रदान किया।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. (डॉ.) राम पाल सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि “कला केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि समाज का सजीव दर्पण है, जो हमारे समय की भावनाओं, संघर्षों और संभावनाओं को प्रतिबिंबित करता है। इस प्रकार की प्रदर्शनी विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मकता को निखारने, नवाचार को अपनाने तथा समाज के प्रति अपनी संवेदनाओं को सशक्त रूप से अभिव्यक्त करने का अवसर प्रदान करती है। सीआरएसयू भविष्य में भी ऐसे रचनात्मक और प्रेरणादायक आयोजनों को निरंतर प्रोत्साहित करता रहेगा।”

कुलसचिव प्रो. सीमा गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि “विद्यार्थियों की कलाकृतियाँ उनकी लगन, परिश्रम और कल्पनाशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण हैं।

ललित कला विभागअध्यक्ष डॉ. जसबीर सिंह ने बताया कि “कलादर्शनी का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को एक ऐसा मंच प्रदान करना है, जहाँ वे अपनी कला का प्रदर्शन करने के साथ-साथ उसके पीछे के विचारों को साझा कर सकें और दर्शकों के साथ संवाद स्थापित कर सकें।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के साथ दो विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रख्यात चित्रकार श्री दीपक कौशिक एवं प्रख्यात मूर्तिकार श्री प्रदीप कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रही। दोनों अतिथियों ने विद्यार्थियों की कलाकृतियों का अवलोकन करते हुए उनके प्रयासों की सराहना की।

इस अवसर पर डॉ. राजेश बंसल , डॉ. विजय कुमार, डॉ. अंजली, डॉ. सरोज, डॉ. राहुल, डॉ. कमल सहित अनेक गणमान्य अतिथि एवं शिक्षाविद् उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए विद्यार्थियों की रचनात्मकता, तकनीकी दक्षता और विषयों की विविधता की मुक्त कंठ से सराहना की तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

प्रदर्शनी के दौरान बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कला प्रेमियों ने भाग लेकर इसे अत्यंत सफल बनाया। अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, सहयोगियों एवं दर्शकों का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे नवाचारी और रचनात्मक आयोजनों को निरंतर आयोजित करने का संकल्प व्यक्त किया।