तकनीकी शिक्षा को उद्योग की आवश्यकताओं से जोड़ने और विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों से परिचित कराने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय में एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया

May 14, 2026

तकनीकी शिक्षा को उद्योग की आवश्यकताओं से जोड़ने और विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों से परिचित कराने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय में एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कुलगुरु प्रो. राम पाल सैनी के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यशाला में Designtech Systems Pvt. Ltd., दिल्ली के मैनेजर (टेक सपोर्ट) वरुण श्रीवास्तव ने मुख्य वक्ता के रूप में भाग लिया और विद्यार्थियों को तकनीकी विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की।

यह कार्यक्रम कुलगुरु प्रो. राम पाल सैनी के संरक्षण तथा डीन एकेडमिक अफेयर्स डॉ. विशाल वर्मा और डॉ. अनुपम भाटिया की देखरेख में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस विशेष सत्र में मुख्य रूप से बीटेक और एमसीए अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों ने भाग लिया। विद्यार्थियों के लिए यह कार्यशाला भविष्य के करियर और तकनीकी कौशल विकास की दृष्टि से अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुई।

कार्यशाला के दौरान वरुण श्रीवास्तव ने वर्तमान तकनीकी युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विशेष रूप से Matlab सॉफ्टवेयर के माध्यम से AI और ML की बारीकियों को सरल और व्यावहारिक तरीके से समझाया।

सत्र के प्रमुख विषयों में Matlab की मूलभूत जानकारी, विभिन्न टूलबॉक्स का प्रभावी उपयोग, डेटा इम्पोर्ट और डेटा विज़ुअलाइज़ेशन जैसी तकनीकों का प्रशिक्षण शामिल रहा। इसके अतिरिक्त, उन्होंने ‘डीप लर्निंग’ जैसी आधुनिक और अत्यधिक चर्चित तकनीक पर भी विस्तार से चर्चा की। विद्यार्थियों को यह बताया गया कि रिसर्च, ऑटोमेशन और स्मार्ट टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में इन तकनीकों की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण होती जा रही है।

कुलगुरु प्रो. राम पाल सैनी ने अपने संदेश में कहा कि विश्वविद्यालय का निरंतर प्रयास है कि विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें नवीनतम तकनीकों और उद्योग की वास्तविक आवश्यकताओं से भी अवगत कराया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के तकनीकी कौशल को मजबूत करने के साथ-साथ उन्हें रोजगार के बेहतर अवसरों के लिए भी तैयार करते हैं।

प्रो. विशाल वर्मा और डॉ. अनुपम भाटिया ने कार्यशाला के समापन अवसर पर कहा कि विश्वविद्यालय भविष्य में भी इस प्रकार के व्यावहारिक और उद्योग-उन्मुख सत्र आयोजित करता रहेगा, ताकि विद्यार्थी बदलती तकनीकी दुनिया की चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना कर सकें।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर अपने तकनीकी प्रश्नों और जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। इंटरैक्टिव सत्र में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और आधुनिक तकनीकों को सीखने में गहरी रुचि दिखाई