CRSU जींद में POSH Act, 2013 पर कार्यशाला आयोजित, कार्यस्थल पर सुरक्षा व संवेदनशीलता पर दिया गया जोर
चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद में कुलगुरु प्रो. राम पाल सैनी के मार्गदर्शन में कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न की रोकथाम, जागरूकता एवं संवेदनशीलता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से POSH Act, 2013 (Prevention of Sexual Harassment at Workplace Act, 2013) विषय पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के ICC (Internal Complaints Committee) सेल द्वारा किया गया। कार्यशाला का विषय “POSH Act, 2013 ” रहा।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राम पाल सैनी ने ऑनलाइन माध्यम से जुड़कर आयोजकों को इस प्रकार का महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित करने के लिए बधाई दी तथा सभी प्रतिभागियों को अपना आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय भविष्य में इस प्रकार के कार्यक्रमों का व्यापक स्तर पर आयोजन करेगा, ताकि विद्यार्थियों को भी POSH Act के बारे में जागरूक किया जा सके और समाज में इस प्रकार की घटनाओं की रोकथाम में सकारात्मक योगदान दिया जा सके।
कार्यक्रम में मुख्य विशेषज्ञ के रूप में श्री अंकुर अग्रवाल, Trainer एवं Mind Power Coach उपस्थित रहे। उन्होंने प्रतिभागियों को POSH Act, 2013 के विभिन्न प्रावधानों, कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न की परिभाषा, उसके प्रकार, कानूनी प्रावधानों तथा शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि POSH Act का मुख्य उद्देश्य कार्यस्थल पर महिलाओं के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक एवं भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित करना है तथा एक सकारात्मक और संवेदनशील कार्य-संस्कृति विकसित करना है।
अपने व्याख्यान के दौरान उन्होंने कई व्यावहारिक उदाहरणों और केस स्टडी के माध्यम से प्रतिभागियों को विषय की गहराई से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि “Unwelcome” या अवांछित व्यवहार से आशय ऐसे किसी भी व्यवहार, टिप्पणी, इशारे या शारीरिक संपर्क से है जिसे सामने वाला व्यक्ति स्वीकार न करता हो और जिससे उसे असहजता या अपमान का अनुभव हो। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कई बार अनजाने में किया गया व्यवहार भी किसी व्यक्ति के लिए असुविधाजनक हो सकता है, इसलिए सभी को अपने आचरण के प्रति सजग रहना चाहिए।
अपने संबोधन में श्री अग्रवाल ने व्यवहार के अंतर (Distinction of Behaviour) के विषय में भी विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि कार्यस्थल पर पेशेवर और अनुचित व्यवहार के बीच अंतर समझना अत्यंत आवश्यक है। पेशेवर व्यवहार में एक-दूसरे के प्रति सम्मानजनक भाषा का प्रयोग, व्यक्तिगत सीमाओं का ध्यान रखना तथा कार्य से संबंधित संवाद बनाए रखना शामिल है, जबकि किसी की निजी जिंदगी में अनावश्यक दखल देना, व्यक्तिगत टिप्पणियां करना या ऐसा व्यवहार करना जिससे कोई व्यक्ति असहज महसूस करे, अनुचित व्यवहार की श्रेणी में आता है।
उन्होंने आगे बताया कि कार्यस्थल पर होने वाला यौन उत्पीड़न (Sexual Harassment) विभिन्न रूपों में सामने आ सकता है, जैसे बिना अनुमति के शारीरिक संपर्क, आपत्तिजनक टिप्पणियाँ, अश्लील मजाक, अनुचित संदेश भेजना या पद एवं अधिकार का दुरुपयोग कर किसी पर दबाव बनाना। उन्होंने पेशेवर और अनुचित व्यवहार के अंतर को भी स्पष्ट करते हुए कहा कि कार्यस्थल पर सम्मानजनक और मर्यादित व्यवहार ही स्वस्थ कार्य वातावरण की आधारशिला है।
इस दौरान उन्होंने ICC सेल (Internal Complaints Committee) की भूमिका के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी और बताया कि यह समिति कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से संबंधित शिकायतों की निष्पक्ष, संवेदनशील और गोपनीय जांच करती है तथा उचित समाधान सुनिश्चित करने के लिए संस्थान को अपनी सिफारिश प्रस्तुत करती है।
कार्यक्रम के दौरान प्रो. (डॉ.) अनुपमा, Chairperson – ICC ने भी प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि कार्यस्थल पर सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रतिभागियों को महिलाओं की सहायता के लिए उपलब्ध विभिन्न सरकारी सहायता सेवाओं तथा One Stop Centre जैसी सुविधाओं के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी और कहा कि किसी भी प्रकार की समस्या की स्थिति में महिलाएं बिना झिझक सहायता प्राप्त कर सकती हैं।
इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. राजेश बंसल ने भी इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन सदैव सुरक्षित, समान और सम्मानजनक कार्य वातावरण सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि POSH Act के प्रति जागरूकता बढ़ाने से कार्यस्थल पर सकारात्मक और स्वस्थ माहौल को बढ़ावा मिलता है।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लेते हुए विषय से संबंधित अनेक प्रश्न पूछे, जिनका समाधान विशेषज्ञ द्वारा सरल एवं प्रभावी तरीके से किया गया। यह इंटरैक्टिव सत्र प्रतिभागियों के लिए अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक रहा।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों की ओर से ICC सेल ने श्री अंकुर अग्रवाल का धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. ऋतु द्वारा किया गया तथा मंच संचालन डॉ. अलका सेठ द्वारा किया गया।
इस मौके पर डीन एकेडमिक अफेयर प्रो. विशाल वर्मा ,डॉ सुमिता आश्री, डॉ अनुराधा सैनी, डॉ सुनील, मिस सीमा, मिस निधि, मिस्टर विकास और लिपिक साक्षी मौजूद रहे।
