चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद में इंटर जोनल यूथ फेस्टिवल का भव्य शुभारंभ संस्कृति, शिक्षा और युवा ऊर्जा का संगम

January 22, 2026

चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद के परिसर में इंटर जोनल यूथ फेस्टिवल का भव्य एवं उत्साहपूर्ण शुभारंभ किया गया। इस युवा महोत्सव का आयोजन निदेशालय युवा एवं सांस्कृतिक गतिविधियाँ द्वारा किया जा रहा है। कार्यक्रम में विभिन्न महाविद्यालयों से आए प्रतिभागी विद्यार्थी, शिक्षक गण एवं विश्वविद्यालय के अधिकारीगण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय कुलगुरु प्रो. राम पाल सैनी रहे।

फॉर्मल वेलकम कुलसचिव डॉ राजेश बंसल द्वारा किया गया। उन्होंने आयोजकों को इस युवा महोत्सव का शुभ आरंभ करने के लिए बहुत-बहुत बधाइयां दी।

निदेशालय युवा एवं सांस्कृतिक ने बाहर से आए सभी प्रतिभागियों का और उनके साथ आए ऑफिशल्स का इस युवा महोत्सव में पहुंचने पर हार्दिक स्वागत व अभिनंदन किया।

विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राम पाल सैनी ने अपने विस्तृत उद्बोधन में कहा कि

“युवावस्था ऊर्जा, उत्साह और नवाचार का प्रतीक है। सांस्कृतिक गतिविधियां विद्यार्थियों के भीतर छिपी हुई प्रतिभाओं को निखारने का कार्य करती हैं और उन्हें आत्म-अभिव्यक्ति का अवसर प्रदान करती हैं। चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय का यह प्रयास है कि विद्यार्थियों को अकादमिक ज्ञान के साथ-साथ सांस्कृतिक, नैतिक और सामाजिक मूल्यों से भी समृद्ध किया जाए। इस प्रकार के युवा महोत्सव विद्यार्थियों में टीम भावना, आपसी सहयोग और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को प्रोत्साहित करते हैं।”

उन्होंने सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

प्रो. सैनी ने कहा कि युवा एवं सांस्कृतिक महोत्सव विद्यार्थियों की रचनात्मक, सांस्कृतिक एवं कलात्मक प्रतिभाओं को निखारने का एक महत्वपूर्ण मंच है। इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ उनमें नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, टीम भावना एवं प्रतिस्पर्धात्मक सोच का विकास करते हैं। उन्होंने कहा कि रंग महोत्सव विद्यार्थियों की सृजनात्मक ऊर्जा और सांस्कृतिक प्रतिभा को अभिव्यक्त करने का सशक्त मंच है। उन्होंने कहा कि नाट्य संगीत नृत्य साहित्य और ललित कलाओं के माध्यम से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास और सामाजिक समरसता का विकास होता है। कुलगुरु ने सभी संयोजकों से आग्रह किया कि रंग महोत्सव को अनुशासन गुणवत्ता और नवाचार के साथ आयोजित किया जाए ताकि यह आयोजन स्वर्ण जयंती वर्ष की पहचान बन सके। उन्होंने यह भी कहा कि युवा महोत्सव विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है तथा विश्वविद्यालय की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा को आगे बढ़ाने का कार्य करता है। इस आयोजन के माध्यम से विद्यार्थी न केवल अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे, बल्कि आपसी सहयोग और सांस्कृतिक समरसता का भी अनुभव प्राप्त करेंगे।

कुलसचिव डॉ. राजेश बंसल ने अपने संबोधन में कहा कि “युवा ही संस्कृति के वाहक हैं और ऐसे आयोजनों से उनमें नई ऊर्जा का संचार होता है। इंटर जोनल यूथ फेस्टिवल जैसे आयोजन विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण को सजीव बनाते हैं और विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का सशक्त मंच प्रदान करते हैं। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास और आपसी समन्वय की भावना का विकास होता है।”

डॉ. बंसल ने कहा कि युवा किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं और ऐसे आयोजन उनमें आत्मविश्वास, अनुशासन एवं सामाजिक दायित्व की भावना को विकसित करते हैं। युवा महोत्सव के माध्यम से युवाओं को नवाचार, टीमवर्क और सांस्कृतिक एकता का संदेश दिया गया। उन्होंने कहा कि इस महोत्सव ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा के प्रदर्शन के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों और नेतृत्व क्षमता को निखारने का सशक्त मंच प्रदान किया।

उन्होंने कहा कि उनके दूरदर्शी नेतृत्व में आयोजित यह महोत्सव निश्चित रूप से युवाओं के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक सार्थक पहल सिद्ध हुआ।

निदेशालय युवा एवं सांस्कृतिक गतिविधियाँ के निदेशक डॉ. अनिल ने जानकारी देते हुए बताया कि

“इस इंटर जोनल यूथ फेस्टिवल में कुल 43 विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। प्रत्येक प्रतियोगिता में न्यूनतम पांच टीमों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। कार्यक्रमों के सफल एवं सुचारू संचालन हेतु विश्वविद्यालय परिसर में 6 मंच स्थापित किए गए हैं, जिन पर एक साथ अलग-अलग सांस्कृतिक एवं साहित्यिक प्रतियोगिताएँ आयोजित की जा रही हैं।”

उन्होंने आगे बताया कि इस महोत्सव में 11 महाविद्यालयों के लगभग 300 विद्यार्थियों ने भाग लिया है। विद्यार्थियों ने नृत्य, संगीत, नाटक, चित्रकला, वाद-विवाद एवं अन्य सांस्कृतिक विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों का उत्साह, अनुशासन और रचनात्मकता दर्शनीय रही, जिसने पूरे वातावरण को ऊर्जा और उमंग से भर दिया। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों, निर्णायकों एवं सहयोगी स्टाफ का आभार व्यक्त करते हुए युवा महोत्सव की सफलता की कामना की।

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