चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद के इतिहास विभाग में विश्वविद्यालय के माननीय कुलगुरु प्रो. राम पाल सैनी के कुशल नेतृत्व, दूरदर्शी मार्गदर्शन एवं सतत प्रेरणा के अंतर्गत शैक्षणिक गुणवत्ता को और अधिक सुदृढ़, प्रभावी तथा परिणामोन्मुख बनाने के उद्देश्य से शैक्षणिक ऑडिट का सफलतापूर्वक एवं गरिमामय आयोजन किया गया।

February 12, 2026

चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद के इतिहास विभाग में विश्वविद्यालय के माननीय कुलगुरु प्रो. राम पाल सैनी के कुशल नेतृत्व, दूरदर्शी मार्गदर्शन एवं सतत प्रेरणा के अंतर्गत शैक्षणिक गुणवत्ता को और अधिक सुदृढ़, प्रभावी तथा परिणामोन्मुख बनाने के उद्देश्य से शैक्षणिक ऑडिट का सफलतापूर्वक एवं गरिमामय आयोजन किया गया। यह आयोजन विभाग की अकादिक प्रतिबद्धता, पारदर्शिता तथा उत्कृष्टता के प्रति उसकी दृढ़ संकल्पना का प्रतीक रहा।

यह शैक्षणिक ऑडिट विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूर्ण पारदर्शिता, गुणवत्ता संवर्धन, उत्तरदायित्व एवं अकादमिक उत्कृष्टता सुनिश्चित करने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं रचनात्मक पहल सिद्ध हुआ। इस प्रक्रिया के माध्यम से विभाग की शैक्षणिक संरचना, कार्यप्रणाली तथा उपलब्धियों का समग्र मूल्यांकन किया गया, जिससे भविष्य की योजनाओं एवं सुधारात्मक उपायों को और अधिक सुदृढ़ आधार प्रदान किया जा सके।

इस अवसर पर दो प्रतिष्ठित एवं विद्वान बाह्य विशेषज्ञों—प्रो. सुखदेव सैनी (इतिहास विभाग, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र) तथा प्रो. इनायत अली जैदी (जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली)—को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया। दोनों विशेषज्ञों ने विभाग के पाठ्यक्रम की प्रासंगिकता एवं अद्यतनता, शिक्षण पद्धतियों की प्रभावशीलता, मूल्यांकन प्रणाली की पारदर्शिता, शोध गतिविधियों की गुणवत्ता, सह-पाठ्यक्रम एवं विस्तार कार्यक्रमों की सक्रियता तथा विभाग की समग्र शैक्षणिक उपलब्धियों का गहन, सूक्ष्म एवं विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने विभागीय अभिलेखों, शोध प्रकाशनों, विद्यार्थियों की उपलब्धियों तथा विभिन्न शैक्षणिक पहलों का गंभीरतापूर्वक अवलोकन किया।

निरीक्षण के उपरांत दोनों विशेषज्ञों ने इतिहास विभाग की सुव्यवस्थित कार्यप्रणाली, अनुशासित शैक्षणिक वातावरण एवं शोधोन्मुख दृष्टिकोण की भूरि-भूरि प्रशंसा की। साथ ही, उन्होंने गुणवत्ता उन्नयन, नवाचार को प्रोत्साहन तथा वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने हेतु कई महत्वपूर्ण, व्यावहारिक एवं दूरगामी सुझाव भी प्रदान किए, जो विभाग के लिए भविष्य में मार्गदर्शक सिद्ध होंगे।

शैक्षणिक ऑडिट के सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन में इतिहास विभाग के समस्त प्राध्यापकों एवं स्टाफ सदस्यों का सक्रिय, समर्पित एवं समन्वित सहयोग उल्लेखनीय रहा। विभाग के शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों ने पूर्ण उत्साह, सकारात्मकता एवं जिम्मेदारी के साथ ऑडिट प्रक्रिया में सहभागिता निभाई, जिससे यह आयोजन अत्यंत सफल एवं प्रभावशाली बन सका। कार्यक्रम का समग्र संचालन डॉ. जसमेर सिंह (इंचार्ज, इतिहास विभाग) के कुशल मार्गदर्शन एवं प्रभावी समन्वय में संपन्न हुआ, जिन्होंने पूरी प्रक्रिया को सुव्यवस्थित रूप से संचालित किया।

कार्यक्रम के अंत में विभाग की ओर से आमंत्रित बाह्य विशेषज्ञों के प्रति हार्दिक आभार एवं कृतज्ञता व्यक्त की गई। उनके अमूल्य समय, मार्गदर्शन एवं सुझावों के लिए उन्हें स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। यह आयोजन इतिहास विभाग की गुणवत्ता, पारदर्शिता, उत्तरदायित्व एवं अकादमिक उत्कृष्टता के प्रति उसकी अटूट प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से प्रतिबिंबित करता है तथा भविष्य में और अधिक उच्च मानकों की प्राप्ति के लिए विभाग के संकल्प को सुदृढ़ करता है।