चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद के NSS सेल द्वारा दिनांक 27 फरवरी, 2026 को एक दिवसीय बहु-विषयक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “Youth at Risk: Doping and Drug Abuse” का आयोजन किया जा रहा है।
चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद के NSS सेल द्वारा दिनांक 27 फरवरी, 2026 को एक दिवसीय बहु-विषयक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “Youth at Risk: Doping and Drug Abuse” का आयोजन किया जा रहा है। इस सम्मेलन का उद्देश्य युवाओं में बढ़ती डोपिंग एवं नशे की प्रवृत्ति के दुष्प्रभावों पर गहन विचार-विमर्श करते हुए ठोस समाधान तलाशना है।
विश्वविद्यालय के माननीय कुलगुरु प्रो. (डॉ.) राम पाल सैनी ने अपने संदेश में कहा कि युवा किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति और भविष्य की आधारशिला होते हैं। यदि युवा वर्ग नशे और डोपिंग जैसी कुप्रथाओं की चपेट में आ जाता है तो यह न केवल उनके व्यक्तिगत जीवन को प्रभावित करता है, बल्कि राष्ट्र की प्रगति को भी बाधित करता है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थानों की जिम्मेदारी केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, अनुशासन, स्वस्थ जीवनशैली और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना भी है। ऐसे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों के माध्यम से विश्वविद्यालय न केवल अकादमिक विमर्श को बढ़ावा देता है, बल्कि समाज के ज्वलंत मुद्दों पर सार्थक पहल भी करता है।
कुलगुरु महोदय ने यह भी कहा कि डोपिंग और नशा खेल भावना, स्वास्थ्य और नैतिकता के विरुद्ध है। युवाओं को जागरूक, सशक्त और आत्मविश्वासी बनाकर ही हम “नशा मुक्त भारत” और “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. राजेश बंसल ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में कुछ युवा त्वरित सफलता पाने की लालसा में गलत रास्ता चुन लेते हैं, जो उनके भविष्य को अंधकारमय बना देता है। डोपिंग और नशे की प्रवृत्ति शारीरिक, मानसिक और सामाजिक स्तर पर गंभीर दुष्परिणाम उत्पन्न करती है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। जागरूकता कार्यक्रम, कार्यशालाएं, संगोष्ठियां और NSS जैसी गतिविधियां युवाओं को सकारात्मक दिशा प्रदान करती हैं। इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय मंच विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और शोधार्थियों को एक साथ लाकर ठोस नीति सुझाव और व्यवहारिक समाधान प्रस्तुत करने में सहायक सिद्ध होते हैं।
डॉ. बंसल ने विश्वास व्यक्त किया कि यह सम्मेलन युवाओं को सही मार्गदर्शन प्रदान करेगा और समाज में नशामुक्त वातावरण के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
सम्मेलन के संयोजक सह आयोजन सचिव डॉ. नवीन लडवाल (NSS Programme Coordinator) ने बताया कि इस सम्मेलन में देश-विदेश के विद्वान, शोधार्थी एवं विशेषज्ञ अपने शोध पत्र एवं विचार प्रस्तुत करेंगे।
संयुक्त आयोजन सचिव डॉ. जगपाल मान, तथा सम्मेलन समन्वयक डॉ. देवेंद्र यादव, डॉ. राकेश सिहमर एवं डॉ. कविता इस आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। विश्वविद्यालय परिवार को पूर्ण विश्वास है कि यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन युवाओं में जागरूकता बढ़ाने और समाज को नशा मुक्त बनाने की दिशा में एक सशक्त कदम सिद्ध होगा।
