चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद में आयोजित विश्वविद्यालय स्तरीय राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) सात दिवसीय विशेष शिविर के तृतीय दिवस पर एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद में आयोजित विश्वविद्यालय स्तरीय राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) सात दिवसीय विशेष शिविर के तृतीय दिवस पर एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिले के पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।
उन्होंने स्वयंसेवकों को “नशा उन्मूलन एवं साइबर अपराध” विषय पर विस्तृत एवं ज्ञानवर्धक व्याख्यान प्रदान किया।
अपने संबोधन में एसपी श्री कुलदीप सिंह ने कहा कि नशा समाज के लिए एक गंभीर अभिशाप है, जो युवाओं की ऊर्जा, स्वास्थ्य और भविष्य को प्रभावित करता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में विभिन्न प्रकार के नशीले पदार्थ युवाओं तक पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिनसे सतर्क रहना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्वयंसेवकों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नशा मुक्ति अभियान चलाकर समाज को जागरूक करें और एक स्वस्थ एवं सशक्त राष्ट्र निर्माण में योगदान दें।
साइबर अपराध के विषय में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया डिजिटल युग में ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, OTP फ्रॉड, सोशल मीडिया हैकिंग, बैंकिंग धोखाधड़ी और साइबर बुलिंग जैसी घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को सावधान करते हुए कहा कि वे किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें, अपनी व्यक्तिगत एवं बैंकिंग जानकारी साझा करने से बचें तथा मजबूत पासवर्ड का प्रयोग करें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने तथा पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की सलाह भी दी।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. (डॉ.) राम पाल सैनी भी कार्यक्रम में गरिमामयी उपस्थिति के साथ मौजूद रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि NSS शिविर का उद्देश्य केवल सेवा कार्य तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को सामाजिक चुनौतियों के प्रति जागरूक करना भी है। उन्होंने पुलिस प्रशासन द्वारा आयोजित इस जागरूकता व्याख्यान की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देते हैं।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ राजेश बंसल भी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि आज के समय में युवाओं को नशा एवं साइबर अपराध जैसे विषयों की गहन जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्वयंसेवकों से आग्रह किया कि वे समाज में जागरूकता फैलाने में अग्रणी भूमिका निभाएं।
व्याख्यान के दौरान एसपी श्री कुलदीप सिंह ने विद्यार्थियों को उनके महत्वपूर्ण एवं व्यवहारिक जानकारियां साझा कीं। उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि साइबर अपराध और नशे की समस्या को कैसे जड़ से समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इन दोनों समस्याओं से निपटने के लिए सबसे पहले जागरूकता, सतर्कता और सामूहिक सहयोग आवश्यक है।
कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक अनेक प्रश्न पूछे। विद्यार्थियों ने साइबर सुरक्षा, सोशल मीडिया के दुरुपयोग, नशे की रोकथाम तथा पुलिस की कार्यप्रणाली से संबंधित जिज्ञासाएं प्रस्तुत कीं। एसपी महोदय ने सभी प्रश्नों का सरल एवं स्पष्ट उत्तर देते हुए कहा कि युवाओं की भूमिका इस अभियान में अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि युवा स्वयं नशे से दूर रहें, डिजिटल प्लेटफॉर्म का जिम्मेदारी से उपयोग करें और समाज में जागरूकता फैलाएं, तो निश्चित रूप से साइबर अपराध और नशे जैसी बुराइयों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान लगभग 200 स्वयंसेवक (100 छात्र एवं 100 छात्राएं), विभिन्न महाविद्यालयों के कार्यक्रम अधिकारी तथा विश्वविद्यालय के अधिकारीगण उपस्थित रहे। अंत में NSS इकाई की ओर से मुख्य अतिथि एवं विश्वविद्यालय प्रशासन का धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
यह कार्यक्रम स्वयंसेवकों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक एवं उपयोगी सिद्ध हुआ तथा समाज सेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को और अधिक सुदृढ़ किया।
