चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय के विधि विभाग के विद्यार्थियों ने कुलगुरु प्रो. राम पाल सैनी के कुशल मार्गदर्शन में आज हरियाणा विधानसभा के बजट (वित्त) सत्र में भाग लेकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नजदीक से समझने का महत्वपूर्ण अवसर प्राप्त किया।
चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय के विधि विभाग के विद्यार्थियों ने कुलगुरु प्रो. राम पाल सैनी के कुशल मार्गदर्शन में आज हरियाणा विधानसभा के बजट (वित्त) सत्र में भाग लेकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नजदीक से समझने का महत्वपूर्ण अवसर प्राप्त किया। इस शैक्षणिक भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को विधायी कार्य प्रणाली, संसदीय परंपराओं एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं से प्रत्यक्ष रूप से अवगत कराना था।
इस अवसर पर विद्यार्थियों ने सदन की कार्यवाही को गंभीरता से देखा और विभिन्न मुद्दों पर हो रही चर्चा, प्रश्नकाल, तथा विधायी प्रक्रियाओं को समझा। सदन में उपस्थित उपसभापति श्री कृष्ण मिड्ढा ने विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने विद्यार्थियों को लोकतंत्र की मूल भावना, विधायिका की भूमिका तथा युवाओं की भागीदारी के महत्व के बारे में प्रेरणादायक विचार भी साझा किए।
उपसभापति द्वारा विद्यार्थियों के लिए जलपान की विशेष व्यवस्था की गई, जिसके लिए सभी विद्यार्थियों ने उनका आभार व्यक्त किया। साथ ही डॉ. कृष्ण लाल मिड्ढा ने जींद शहर से आए विद्यार्थियों के साथ सौहार्दपूर्ण वातावरण में फोटो सत्र भी किया और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
विधि विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. कुलदीप नारा एवं विभाग इंचार्ज डॉ. दीपक वधवा ने इस शैक्षणिक भ्रमण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों के व्यावहारिक ज्ञान को समृद्ध करते हैं और उन्हें पुस्तकीय ज्ञान से आगे बढ़कर वास्तविक परिस्थितियों को समझने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे भ्रमण विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाने चाहिए।
इस अवसर पर विभाग के संकाय सदस्यों में डॉ. सुदेश रानी, डॉ. लालिता शर्मा तथा डॉ. सुजाता सहित अन्य शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों के साथ सहभागिता की और पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
इस शैक्षणिक भ्रमण ने विद्यार्थियों को न केवल विधायी प्रक्रिया की गहन समझ प्रदान की, बल्कि उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक भी किया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस पहल को अत्यंत सफल और प्रेरणादायक बताया तथा भविष्य में भी ऐसे ज्ञानवर्धक कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
