चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद की यूनिवर्सिटी कोर्ट की बैठक कुलगुरु प्रो. राम पाल सैनी की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें कुलसचिव प्रो. सीमा गुप्ता ने सदस्य सचिव के रूप में अपनी भूमिका निभाई। यह बैठक ऑनलाइन एवं ऑफलाइन (ब्लेंडेड मोड) माध्यम से संपन्न हुई।

March 30, 2026

चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद

चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद की यूनिवर्सिटी कोर्ट की बैठक कुलगुरु प्रो. राम पाल सैनी की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें कुलसचिव प्रो. सीमा गुप्ता ने सदस्य सचिव के रूप में अपनी भूमिका निभाई। यह बैठक ऑनलाइन एवं ऑफलाइन (ब्लेंडेड मोड) माध्यम से संपन्न हुई। यह बैठक माननीय राज्यपाल महोदय प्रोफेसर असीम कुमार घोष के निर्देशानुसार आयोजित की गई।

यह बैठक कुलगुरु प्रो. राम पाल सैनी एवं कुलसचिव प्रो. सीमा गुप्ता के कार्यकाल की पहली यूनिवर्सिटी कोर्ट बैठक रही। बैठक के प्रारंभ में सभी कोर्ट सदस्यों द्वारा कुलगुरु एवं कुलसचिव का स्वागत किया गया तथा उनके नेतृत्व में विश्वविद्यालय को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की आशा व्यक्त की गई।

बैठक में पूर्व में आयोजित यूनिवर्सिटी कोर्ट बैठक के कार्यवृत्त (Minutes) को अनुमोदित किया गया तथा उस बैठक में लिए गए निर्णयों पर की गई अनुपालन कार्रवाई को कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत कर संज्ञान में लिया गया।

इसके अतिरिक्त, विभिन्न वित्तीय विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श करते हुए बजट अनुमानों एवं ऑडिट से संबंधित बिंदुओं को स्वीकृति प्रदान की गई। साथ ही, विश्वविद्यालय के वार्षिक लेखा परीक्षण प्रतिवेदन (Annual Audit Report) को भी कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

संपादकीय बोर्ड-सह-समिति द्वारा प्रस्तुत सिफारिशों पर विचार करते हुए वार्षिक रिपोर्ट तैयार करने हेतु अनुमोदन प्रदान किया गया।

अध्यक्ष की अनुमति से अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा की गई। बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने विश्वविद्यालय के समग्र विकास, शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार तथा प्रशासनिक सुदृढ़ता हेतु अपने महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए।

कुलगुरु प्रो. राम पाल सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि विश्वविद्यालय को उत्कृष्टता की ओर अग्रसर करने के लिए सभी का सहयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी सदस्यों का बैठक में सक्रिय सहभागिता के लिए धन्यवाद व्यक्त किया।

उन्होंने आगे कहा कि हमारा उद्देश्य चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक विशिष्ट पहचान दिलाना है। विश्वविद्यालय में आधुनिक शिक्षा एवं शोध को बढ़ावा देने के लिए हम जापान और पुर्तगाल जैसे विकसित देशों से उन्नत लैब्स एवं नवीनतम तकनीकों को लाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। यह पहल विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराएगी, जो अभी तक बहुत कम विश्वविद्यालयों में देखने को मिलती हैं।”

कुलगुरु ने भाषा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि “हम शिक्षा में भारतीय भाषाओं के समावेश को प्राथमिकता दे रहे हैं। हिंदी के साथ-साथ हरियाणवी भाषा को भी पाठ्यक्रम में शामिल करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि क्षेत्रीय भाषा और संस्कृति को बढ़ावा मिल सके तथा विद्यार्थियों का अपनी जड़ों से जुड़ाव और मजबूत हो।”

उन्होंने कहा कि “हमारा लक्ष्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को ज्ञान, कौशल और संस्कारों से समृद्ध करना है, ताकि वे समाज और राष्ट्र निर्माण में सार्थक योगदान दे सकें।”

अंत में उन्होंने सभी सदस्यों का धन्यवाद करते हुए कहा कि “आप सभी के सुझाव और सहयोग से विश्वविद्यालय निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ेगा और आने वाले समय में नई उपलब्धियां स्थापित करेगा।”

कुलसचिव प्रो. सीमा गुप्ता ने अपने वक्तव्य में कहा कि प्रशासनिक पारदर्शिता एवं कार्यकुशलता को प्राथमिकता देते हुए विश्वविद्यालय के विकास के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने सभी सदस्यों के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया।

यह बैठक विश्वविद्यालय के प्रशासनिक एवं वित्तीय कार्यों को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुई।