छात्र जीवन में राजनीति का महत्व: जागरूक नागरिक

May 8, 2026

चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद के कुलगुरु प्रो. राम पाल सैनी के कुशल मार्गदर्शन एवं प्रेरणादायी नेतृत्व में राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा “छात्र जीवन में राजनीति का महत्व: जागरूक नागरिक से सक्रिय लोकतांत्रिक भागीदारी तक” विषय पर एक विस्तृत एवं ज्ञानवर्धक व्याख्यान का सफल आयोजन किया गया। इस शैक्षणिक कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को छात्र जीवन में राजनीति की सकारात्मक भूमिका, लोकतांत्रिक मूल्यों की गहन समझ, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा सक्रिय नागरिक भागीदारी के प्रति जागरूक एवं प्रेरित करना था। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में प्रो. सुल्तान सिंह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि छात्र जीवन केवल शैक्षणिक ज्ञान तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसमें सामाजिक, राजनीतिक एवं नैतिक चेतना का विकास भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राजनीति समाज को दिशा देने का महत्वपूर्ण माध्यम है और युवाओं की सहभागिता लोकतंत्र को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाती है। उन्होंने विद्यार्थियों को संविधान, लोकतांत्रिक संस्थाओं तथा अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि आज के विद्यार्थी ही कल के जिम्मेदार नागरिक, नीति-निर्माता और समाज के नेतृत्वकर्ता बनते हैं, इसलिए उनमें विवेकपूर्ण सोच, सामाजिक संवेदनशीलता तथा लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता का होना अत्यंत आवश्यक है।

व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक विषयों पर अपनी जिज्ञासाएं भी व्यक्त कीं, जिनका मुख्य वक्ता द्वारा विस्तार पूर्वक एवं सरल भाषा में समाधान किया गया। कार्यक्रम का वातावरण अत्यंत प्रेरणादायी एवं ज्ञानवर्धक रहा, जिससे विद्यार्थियों को राजनीति एवं लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के महत्व को समझने का अवसर प्राप्त हुआ।

अंत में विभागाध्यक्ष प्रो. सुनील फोगाट ने मुख्य वक्ता का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि इस प्रकार के व्याख्यान विद्यार्थियों के बौद्धिक, सामाजिक एवं नैतिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी इस प्रकार के शैक्षणिक एवं जागरूकता आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि विद्यार्थियों में लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक जिम्मेदारियों एवं राष्ट्र निर्माण के प्रति सकारात्मक सोच विकसित हो सके।

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