जापान यात्रा से लौटे कुलगुरु प्रो. (डॉ.) राम पाल सैनी का सीआरएसयू में आत्मीय स्वागत, विश्वविद्यालय परिवार से साझा किए अंतरराष्ट्रीय शैक्षिक अनुभव
चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद में कुलगुरु प्रो. (डॉ.) राम पाल सैनी जी की जापान यात्रा से स्वदेश वापसी पर विश्वविद्यालय परिवार द्वारा उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस अवसर पर कुलगुरु ने विश्वविद्यालय के शिक्षकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ बैठकर अपनी जापान यात्रा के अनुभवों को विस्तार से साझा किया।
कुलगुरु प्रो. (डॉ.) राम पाल सैनी ने बताया कि जापान प्रवास के दौरान चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय द्वारा जापान के छह प्रमुख विश्वविद्यालयों के साथ शैक्षणिक एवं शोध सहयोग (MoUs) किए गए हैं, जो भविष्य में संयुक्त शोध, फैकल्टी एक्सचेंज, छात्र प्रशिक्षण और नवाचार आधारित परियोजनाओं के लिए मील का पत्थर सिद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि यह पहल सीआरएसयू को अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक मानचित्र पर सशक्त रूप से स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
अपने संबोधन में कुलगुरु ने जापान की वर्क कल्चर, अनुशासन और शिक्षा प्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि जापान से हमें विशेष रूप से देशभक्ति, समय की पाबंदी और गुणवत्ता के प्रति प्रतिबद्धता सीखने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जापान ने शिक्षा को केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित न रखकर उसे राष्ट्र-निर्माण का सशक्त माध्यम बनाया है, जो भारत के लिए भी अनुकरणीय है।
कुलगुरु ने कहा कि जापान अपने स्थानीय उत्पादों और ब्रांडों को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देता है, वहीं भारत को भी ‘लोकल को ग्लोबल’ की भावना के साथ अपने उत्पादों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि जापानी समाज में समय के प्रति सम्मान व्यावसायिक और व्यक्तिगत जीवन दोनों को संतुलित और प्रभावी बनाता है, जिसे भारतीय समाज में अपनाए जाने की आवश्यकता है।
शिक्षा प्रणाली पर चर्चा करते हुए प्रो. सैनी ने बताया कि जापान में बच्चों को विद्यालय स्तर पर ही टीम वर्क और जीवन-कौशल सिखाए जाते हैं, जो उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाते हैं। उन्होंने कहा कि भारत में राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 (NEP 2020) के माध्यम से ऐसी समग्र शिक्षा प्रणाली को अपनाने की व्यापक संभावनाएँ हैं।
जापान के प्रमुख विश्वविद्यालयों का उल्लेख करते हुए कुलगुरु ने बताया कि कंसाई विश्वविद्यालय (Kansai University) एआई (Artificial Intelligence) के व्यावहारिक और इंटरडिसिप्लिनरी शोध के लिए जाना जाता है। वहीं टोक्यो विश्वविद्यालय (University of Tokyo – UTokyo/Todai), जापान का पहला और सबसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय विश्वविद्यालय है, जिसने अनेक नोबेल पुरस्कार विजेताओं, प्रधानमंत्रियों और वैश्विक नेताओं को जन्म दिया है। इसके साथ ही क्योटो विश्वविद्यालय भी उन्नत शोध और नवाचार के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है।
कार्यक्रम के अंत में कुलगुरु प्रो. (डॉ.) राम पाल सैनी ने विश्वास व्यक्त किया कि जापान के साथ हुए शैक्षणिक सहयोग से चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में शोध, नवाचार और वैश्विक दृष्टिकोण को नई दिशा मिलेगी। विश्वविद्यालय परिवार ने उनके अनुभवों को प्रेरणादायी बताते हुए इस अंतरराष्ट्रीय पहल के लिए उन्हें बधाई दी।
