युवा महोत्सव में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से मिल रहा है नैतिकता व मानवता का संदेश प्रो. राम पाल सैनी
चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय (सी.आर.एस.यू.), जींद में आयोजित तीन दिवसीय इंटर जोनल युवा महोत्सव का दूसरा दिन कला, संस्कृति, अनुष्ठान और उत्सव की दृष्टि से एक अविस्मरणीय अनुभव बन गया। विश्वविद्यालय परिसर सुबह से ही लोक-संस्कृति, पारंपरिक वेशभूषा, रंग-बिरंगे परिधानों, ढोल की थाप और विद्यार्थियों के उल्लासपूर्ण उत्साह से जीवंत हो उठा। चारों ओर हरियाणवी संस्कृति की सुगंध, लोकगीतों की गूंज और युवा ऊर्जा का उत्सव देखने को मिला।
महोत्सव के दूसरे दिन विभिन्न महाविद्यालयों व विश्वविद्यालय से आई टीमों ने अत्यंत उत्साह और समर्पण के साथ भागीदारी करते हुए हरियाणवी संस्कृति के विविध आयामों को मंच पर प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। प्रत्येक प्रस्तुति दर्शकों को मंत्रमुग्ध करने वाली रही। कहीं हरियाणवी नृत्य की फुर्ती, ताल और ऊर्जा ने रोमांच भर दिया, तो कहीं स्किट और मोनो एक्टिंग के माध्यम से प्रदेश की लोक कथाओं, सामाजिक मूल्यों, परंपराओं और जीवन संघर्षों को संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत किया गया।
हरियाणवी पॉप सॉन्ग, हरियाणवी भजन, ग़ज़ल, हरियाणवी ऑर्केस्ट्रा, वेस्टर्न ग्रुप सॉन्ग, हरियाणवी ग्रुप सॉन्ग, हरियाणवी-हिंदी स्किट, लोक गीत, लोक वाद्य यंत्र (इंस्ट्रूमेंट) सोलो, क्ले मेकिंग, क्ले मॉडलिंग, कार्टूनिंग सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं ने पूरे विश्वविद्यालय परिसर को संस्कृति के दिव्य रंगों से भर दिया। विद्यार्थियों की रचनात्मकता, आत्मविश्वास और जोश ने परिसर को एक जीवंत सांस्कृतिक उत्सव में परिवर्तित कर दिया।
विश्वविद्यालय कुलगुरु प्रो. राम पाल सैनी ने इस अवसर पर कहा कि “युवा महोत्सव हमारे विद्यार्थियों की छिपी प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने का सशक्त माध्यम है। ऐसे आयोजनों से न केवल हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षण मिलता है, बल्कि विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, टीम भावना और नेतृत्व कौशल का भी विकास होता है। सी.आर.एस.यू. शिक्षा के साथ-साथ संस्कृति, कला और नैतिक मूल्यों के संवर्धन के लिए निरंतर प्रयासरत है। युवाओं की यह ऊर्जा और रचनात्मकता राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक मजबूत आधार है।” उन्होंने सभी प्रतिभागियों को उत्कृष्ट प्रस्तुतियों के लिए बधाई दी और आयोजन से जुड़े सभी विभागों व स्वयंसेवकों के प्रयासों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि आज यहां युवाओं की उमंग, ऊर्जा और जोश देखकर उनकी अपनी जवानी की यादें ताजा हो गईं। जिस अनुशासन, समर्पण और उत्साह के साथ विद्यार्थी इस इंटर जोनल यूथ फेस्टिवल में भाग ले रहे हैं, वह वास्तव में प्रशंसनीय है। उन्होंने सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
दूसरे दिन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पंजाब विश्वविद्यालय के अध्यक्ष श्री गुरु वीर सोहेल रहे ।
विशिष्ट अतिथि के रूप में पद्म श्री महावीर गुड्डू जी उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि “युवा महोत्सव केवल प्रतियोगिताओं का मंच नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक समरसता के विकास का सशक्त माध्यम है। आज का युवा ही कल का भविष्य है और ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से उनमंि रचनात्मक सोच, आत्मविश्वास और अनुशासन का विकास होता है। विद्यार्थियों को चाहिए कि वे शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियों में भी सक्रिय रूप से भाग लें, ताकि उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।” उन्होंने विद्यार्थियों की प्रतिभा की सराहना करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन एवं निदेशालय को इस सफल आयोजन के लिए बधाई दी।
विश्वविद्यालय कुलसचिव डॉ. राजेश बंसल ने कहा कि “इस प्रकार के बड़े सांस्कृतिक आयोजनों के सफल संचालन में अनुशासन, समन्वय और टीमवर्क की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। युवा महोत्सव विद्यार्थियों को न केवल मंचीय अनुभव प्रदान करता है, बल्कि उनमें समय प्रबंधन, संगठन क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करता है। विश्वविद्यालय प्रशासन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए सदैव प्रतिबद्ध है।”
उन्होंने आयोजन समिति, निर्णायक मंडल तथा प्रतिभागी विद्यार्थियों को सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।
महोत्सव के दूसरे दिन की गतिविधियों ने यह स्पष्ट कर दिया कि सी.आर.एस.यू. जींद न केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता का केंद्र है, बल्कि सांस्कृतिक चेतना और युवा सृजनात्मकता का भी एक सशक्त मंच है। युवा महोत्सव का यह रंगारंग स्वरूप विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनकर आने वाले दिनों तक स्मरणीय रहेगा।
