युवा महोत्सव युवाओं को संस्कृति से जोड़ने और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का सशक्त मंच है” — कुलगुरु प्रो. राम पाल सैनी
चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय (सीआरएसयू), जींद में आयोजित तीन दिवसीय युवा महोत्सव का अंतिम दिन सांस्कृतिक विरासत, लोककला, परंपरा और युवा उत्साह का भव्य उत्सव बनकर सामने आया। समापन दिवस पर विश्वविद्यालय परिसर में क्लासिकल डांस, हरियाणवी सोलो डांस ( फीमेल ), हरियाणवी ग्रुप डांस, संस्कृत ड्रामा, वेस्टर्न इंस्ट्रूमेंट सोलो, वेस्टर्न वोकल सोलो, ऑन द स्पॉट फोटोग्राफी, डिबेट्स यह प्रस्तुतियाँ न केवल मनोरंजन का माध्यम बनीं और ग्रामीण जीवन के विविध रंगों ने उपस्थित दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित किया।
युवा महोत्सव के समापन समारोह के विश्वविद्यालय कुलगुरु प्रो. राम पाल सैनी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि युवा महोत्सव केवल मनोरंजन का मंच नहीं, बल्कि यह युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने, सामाजिक मूल्यों को समझने और रचनात्मकता को अभिव्यक्त करने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण, आत्मविश्वास विकास और नेतृत्व क्षमता को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कुलगुरु प्रो. सैनी ने सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि प्रतियोगिताओं में भाग लेना ही अपने आप में एक उपलब्धि है। उन्होंने विजेता विद्यार्थियों एवं टीमों को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। साथ ही उन्होंने गैर-विजेता प्रतिभागियों को भी निराश न होने की प्रेरणा देते हुए कहा कि निरंतर प्रयास, समर्पण और आत्मविश्वास ही सफलता की कुंजी है।
युवा महोत्सव के समापन समारोह के मुख्य अतिथि MDU के कुलगुरु प्रो. राजबीर सिंह जी रहे।
उन्होंने कहा कि “युवा महोत्सव केवल प्रतिभा प्रदर्शन का मंच नहीं, बल्कि युवाओं के आत्मविश्वास, सृजनशीलता और नेतृत्व क्षमता को निखारने का अवसर है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से छात्र अपनी छिपी प्रतिभाओं को पहचानते हैं और आगे बढ़ने की प्रेरणा प्राप्त करते हैं। इस युवा महोत्सव ने विद्यार्थियों को अपनी कला, विचार और ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में प्रस्तुत करने का संदेश दिया है, जो उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव रखता है। युवा ही राष्ट्र की शक्ति हैं और ऐसे महोत्सव उन्हें एकजुट होकर कुछ नया करने की प्रेरणा देते हैं।”
आज इस युवा महोत्सव के अवसर पर आप सभी के बीच उपस्थित होना मेरे लिए अत्यंत प्रसन्नता और गौरव का विषय है। ऐसे आयोजन युवाओं के भीतर छिपी प्रतिभा को मंच प्रदान करते हैं और उनके व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके लिए मैं आयोजकों के प्रति अपनी हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करता हूँ।
जीवन में आगे बढ़ने के लिए जुनून, करुणा और दूसरों की उपलब्धियों को सराहने की भावना अत्यंत आवश्यक है। जुनून हमें लक्ष्य की ओर प्रेरित करता है, करुणा हमें मानवीय बनाती है और सराहना की भावना हमें एक-दूसरे से जोड़ती है। इसके साथ ही अनुशासन वह आधार है, जिस पर सफलता की इमारत खड़ी होती है। अनुशासित जीवन ही स्थायी उपलब्धियों की ओर ले जाता है।
आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में मैं युवाओं से कहना चाहूंगा कि दूसरों से प्रतिस्पर्धा करने के बजाय स्वयं से प्रतिस्पर्धा करें। प्रतिदिन केवल दो मिनट अपने लिए निकालें और आत्मचिंतन करें—यह सोचें कि जीवन में आपकी भूमिका क्या है, आपको किन क्षमताओं का विकास करना है और आप स्वयं को कैसे बेहतर बना सकते हैं। शिक्षा, खेल और संस्कृति—तीनों में संतुलन बनाकर ही एक सशक्त व्यक्तित्व का निर्माण संभव है।
मानसिक दबाव और तनाव से निपटने के लिए एक व्यवस्थित जीवनशैली अपनाना आवश्यक है। यदि आप लगातार 21 दिनों तक एक सकारात्मक और अनुशासित दिनचर्या का पालन करते हैं, तो निश्चित रूप से उसमें सकारात्मक मनोवैज्ञानिक परिवर्तन देखने को मिलेंगे। स्वयं को बेहतर बनाने के लिए एक स्पष्ट कार्य योजना बनाइए और पूरे समर्पण के साथ उस पर कार्य कीजिए।
जब आप स्वयं पर काम करना शुरू करते हैं, तो लोग आपको दूसरों से अलग महसूस करने लगते हैं। याद रखिए, इस संसार में कुछ भी असंभव नहीं है। हर परिस्थिति में समस्या का हिस्सा बनने के बजाय समाधान का हिस्सा बनें। आपका दृष्टिकोण ही आपकी दिशा तय करता है, इसलिए सदैव सकारात्मक सोच विकसित करें और विश्लेषणात्मक मानसिकता अपनाएँ।
किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए निरंतर अभ्यास और परिश्रम आवश्यक है। कहा जाता है कि अपने लक्ष्य या क्षेत्र में यदि आप 10,000 घंटे ईमानदारी से लगाते हैं, तो सफलता अवश्य मिलती है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 भी इसी समग्र विकास, कौशल, नवाचार और मूल्य आधारित शिक्षा पर बल देती है।
अंत में, मैं आप सभी युवाओं से यही कहना चाहूंगा कि स्वयं पर विश्वास रखें, अनुशासन में रहें और निरंतर आगे बढ़ते रहें। आप ही देश का भविष्य हैं और आपकी ऊर्जा ही राष्ट्र को नई दिशा देगी।
महोत्सव के अंतिम दिन क्लासिकल डांस, हरियाणवी सोलो डांस (महिला वर्ग), हरियाणवी ग्रुप डांस, संस्कृत नाटक, वेस्टर्न इंस्ट्रूमेंट सोलो, वेस्टर्न वोकल सोलो, ऑन-द-स्पॉट फोटोग्राफी तथा वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों की सशक्त प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा, सृजनशीलता और सांस्कृतिक चेतना का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षकों, अधिकारियों एवं आयोजन समिति के सदस्यों ने भी विद्यार्थियों की प्रतिभा की सराहना की तथा कहा कि सीआरएसयू निरंतर ऐसे मंच उपलब्ध कराता रहेगा, जो युवाओं को अपनी संस्कृति, कला और परंपराओं से जोड़ते हुए समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनाने में सहायक सिद्ध हों।
कार्यक्रम के अंत में आयोजन समिति द्वारा तीन दिवसीय युवा महोत्सव को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में सहयोग देने वाले सभी प्रतिभागियों, निर्णायक मंडल, स्वयंसेवकों एवं विश्वविद्यालय प्रशासन का आभार व्यक्त किया गया।
इस तीन दिवसीय युवा महोत्सव के परिणाम कुछ इस प्रकार रहे-
क्लासिकल वोकल सोलो
प्रथम स्थान – यूटीडी, सीआरएसयू जींद
द्वितीय स्थान – के.एम. गवर्नमेंट कॉलेज, नरवाना
क्लासिकल इंस्ट्रूमेंट सोलो
प्रथम स्थान – हिंदू कन्या महाविद्यालय, जींद
द्वितीय स्थान – गवर्नमेंट कॉलेज, सफीदों
ग्रुप सॉन्ग (जनरल)
प्रथम स्थान – यूटीडी, सीआरएसयू
द्वितीय स्थान – हिंदू कन्या महाविद्यालय, जींद
ग्रुप सॉन्ग (हरियाणवी)
प्रथम स्थान – गवर्नमेंट कॉलेज, सफीदों
द्वितीय स्थान – हिंदू कन्या महाविद्यालय, जींद
हरियाणवी आर्केस्ट्रा
प्रथम स्थान – यूटीडी, सीआरएसयू जींद
द्वितीय स्थान – गवर्नमेंट कॉलेज, सफीदों
लोक सॉन्ग (हरियाणवी सोलो रागनी)
प्रथम स्थान – के.एम. गवर्नमेंट कॉलेज, नरवाना
द्वितीय स्थान – यूटीडी, सीआरएसयू जींद
लोक सॉन्ग (जनरल)
प्रथम स्थान – यूटीडी, सीआरएसयू
द्वितीय स्थान – मेटिस डिग्री कॉलेज, अंटा
ग्रुप सॉन्ग (वेस्टर्न)
प्रथम स्थान – यूटीडी, सीआरएसयू जींद
द्वितीय स्थान – हिंदू कन्या महाविद्यालय, जींद
ग्रुप डांस (जनरल)
प्रथम स्थान – हिंदू कन्या महाविद्यालय, जींद
द्वितीय स्थान – पी.आई.जी. गवर्नमेंट कॉलेज, जींद
तृतीय स्थान – के.एम. गवर्नमेंट कॉलेज, नरवाना
क्लासिकल डांस
प्रथम स्थान – एस.एम. गवर्नमेंट कॉलेज, सफीदों
सोलो डांस (हरियाणवी – मेल)
प्रथम स्थान – के.एम. गवर्नमेंट कॉलेज, नरवाना
द्वितीय स्थान – यूटीडी, सीआरएसयू जींद
सोलो डांस (हरियाणवी – फीमेल)
प्रथम स्थान – पी.आई.जी. कॉलेज फॉर वूमेन
द्वितीय स्थान – यूटीडी, सीआरएसयू
तृतीय स्थान – गवर्नमेंट कॉलेज, नरवाना
रसिया ग्रुप डांस
प्रथम स्थान – यूटीडी, सीआरएसयू जींद
द्वितीय स्थान – गवर्नमेंट कॉलेज, सफीदों
तृतीय स्थान – एस.एम. गवर्नमेंट कॉलेज, सफीदों
वन एक्ट प्ले
प्रथम स्थान – यूटीडी, सीआरएसयू जींद
द्वितीय स्थान – हिंदू कन्या महाविद्यालय, जींद
वेस्टर्न वोकल सोलो
प्रथम स्थान – यूटीडी, सीआरएसयू जींद
द्वितीय स्थान – हिंदू कन्या महाविद्यालय, जींद
रिचुअल
प्रथम स्थान – यूटीडी, सीआरएसयू जींद
द्वितीय स्थान – गवर्नमेंट कॉलेज, जींद
माइम
प्रथम स्थान – हिंदू कन्या महाविद्यालय, जींद
द्वितीय स्थान – यूटीडी, शेर शिवाजी
सॉन्ग
प्रथम स्थान – के.एम. गवर्नमेंट कॉलेज, नरवाना
द्वितीय स्थान – यूटीडी, सीआरएसयू जींद
हरियाणवी स्किट
प्रथम स्थान – गवर्नमेंट कॉलेज, जींद
द्वितीय स्थान – यूटीडी, सीआरएसयू जींद
पोस्टर मेकिंग
प्रथम स्थान – यूटीडी, सीआरएसयू
द्वितीय स्थान – पी.आई.जी. गर्ल्स कॉलेज फॉर वूमेन, जींद
तृतीय स्थान – के.एम. गवर्नमेंट कॉलेज, नरवाना
बेस्ट एक्टर (मेल)
प्रथम स्थान – अंकित
द्वितीय स्थान – सूरज
बेस्ट एक्टर (फीमेल)
प्रथम स्थान – निशु
द्वितीय स्थान – भूमिका
