रक्तदान—महादान “समाज हित में उठाया हर कदम अनमोल है- प्रो. राम पाल सैनी
रक्तदान—महादान “समाज हित में उठाया हर कदम अनमोल है- प्रो. राम पाल सैनी
चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में विश्व टीबी दिवस पर मानव सेवा को समर्पित विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुलगुरु प्रो. राम पाल सैनी रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में कुलसचिव प्रो. सीमा गुप्ता उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में श्री संदीप गोयत (जिला समन्वयक, NTEP, जींद) उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि प्रो. राम पाल सैनी ने टीबी उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया तथा राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) के अंतर्गत “एक्टिव केस फाइंडिंग (ACF)” अभियान को हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया।
उन्होंने अपने विस्तृत संबोधन में रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रक्तदान एक महान सेवा है, जो किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन देने का कार्य करता है। उन्होंने सभी को नियमित रूप से रक्तदान करने के लिए प्रेरित किया और बताया कि एक स्वस्थ व्यक्ति वर्ष में कई बार सुरक्षित रूप से रक्तदान कर सकता है। इसके साथ ही उन्होंने टीबी जैसी गंभीर बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि समय पर जांच, सही उपचार और समाज में जागरूकता से इस बीमारी को पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे आगे आकर स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाएं।
विशिष्ट अतिथि कुलसचिव प्रो. सीमा गुप्ता ने अपने वक्तव्य में रक्तदान को महादान बताते हुए कहा कि यह न केवल जरूरतमंदों के जीवन को बचाने का माध्यम है, बल्कि समाज में सेवा और मानवता की भावना को भी सुदृढ़ करता है। उन्होंने विद्यार्थियों को ऐसे सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री संदीप गोयत कहा कि टीबी रोग की रोकथाम, पहचान एवं उपचार के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समय पर जांच और उचित उपचार से टीबी को पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है। साथ ही उन्होंने सरकार द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों और योजनाओं के बारे में भी जागरूक किया। यह कार्यक्रम जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. वी.सी. राघव के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिनके नेतृत्व में टीबी उन्मूलन के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
इसी अवसर पर रक्तदान शिविर का सफल आयोजन डॉ. शिप्रा गिरधर द्वारा किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान किया। शिविर में एकत्रित रक्त यूनिट्स की संख्या उल्लेखनीय रही, जिससे यह आयोजन अत्यंत सफल सिद्ध हुआ। कार्यक्रम में डॉ. विजेंदर ढांडा की गरिमामयी उपस्थिति ने सभी को प्रेरित किया। उन्होंने अपने संबोधन में स्वास्थ्य सेवाओं के महत्व पर प्रकाश डालते हुए रक्तदान को मानव जीवन की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण योगदान बताया।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय के निदेशक डॉ. जितेंद्र ने बताया कि यह आयोजन न केवल स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने में सफल रहा, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और जिम्मेदारी की भावना को भी सुदृढ़ करने वाला सिद्ध हुआ।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षकों, गैर-शिक्षक कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और सामाजिक सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।
