सीआरएसयू के इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के पांच विद्यार्थियों का एचपीएससी में सहायक प्रोफेसर के पद पर चयन
जींद। चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद के कुलगुरु प्रो. राम पाल सैनी के नेतृत्व में विश्वविद्यालय निरंतर शैक्षणिक उत्कृष्टता की ओर अग्रसर है। इसी क्रम में विश्वविद्यालय के इतिहास, संस्कृति और पुरातत्व विभाग के लिए अत्यंत गर्व और हर्ष का विषय है कि विभाग के 05 विद्यार्थियों का चयन सहायक प्रोफेसर (कॉलेज कैडर) , उच्चतर शिक्षा विभाग हरियाणा सरकार में हुआ है। चयनित विद्यार्थियों में 1) सुधीर 2) मनु 3) शशि 4) वीरेन्द्र तथा 5) मनोज शामिल हैंI यह उपलब्धि न केवल इतिहास विभाग बल्कि पूरे विश्वविद्यालय परिवार के लिए गौरव का क्षण है।
इस अवसर पर कुलगुरु प्रो. राम पाल सैनी ने चयनित विद्यार्थियों को मिठाई खिलाकर आशीर्वाद प्रदान किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कुलगुरु ने अपने संबोधन में कहा कि "विद्यार्थियों की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि निरंतर परिश्रम, स्पष्ट लक्ष्य और सकारात्मक सोच से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। विश्वविद्यालय सदैव विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। हमें गर्व है कि हमारे छात्र शिक्षा जगत में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त कर रहे हैं और समाज को शिक्षित व जागरूक बनाने में अपनी भूमिका निभाएंगे।"
चयनित विद्यार्थियों ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों तथा विश्वविद्यालय के सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण को दिया। विद्यार्थियों ने कहा कि विश्वविद्यालय में प्राप्त मार्गदर्शन, पुस्तकालय की समृद्ध सुविधाएं, नियमित कक्षाएं तथा शिक्षकों का व्यक्तिगत सहयोग उनकी सफलता में अत्यंत सहायक रहा। उन्होंने यह भी कहा कि वे भविष्य में शिक्षा के क्षेत्र में निष्ठा, समर्पण और गुणवत्ता के साथ कार्य करते हुए विश्वविद्यालय का नाम और अधिक ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।
चयनित विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए जूनियर विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, समसामयिक विषयों की तैयारी और आत्मविश्वास बनाए रखने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि असफलताओं से घबराने के बजाय उनसे सीख लेकर आगे बढ़ना ही सफलता की कुंजी है।
इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अजमेर सिंह ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि विभाग की शैक्षणिक गुणवत्ता और अनुशासित वातावरण का परिणाम है। हमारे विद्यार्थी सदैव मेहनती और लक्ष्य के प्रति समर्पित रहे हैं। हम आगे भी विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं और उच्च पदों के लिए मार्गदर्शन देते रहेंगे, ताकि विभाग और विश्वविद्यालय का नाम निरंतर रोशन होता रहे।"
उन्होंने कहा कि विभाग में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, नियमित सेमिनार, कार्यशालाओं तथा अकादमिक मार्गदर्शन के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार किया जाता है, जिसका सकारात्मक परिणाम सामने आया है।
इस अवसर पर कुलगुरु के ओएसडी डॉ. विजय कुमार, डॉ. जगपाल मान, डॉ. जसमेर लोहान, डॉ जगपाल दहिया, डॉ. संदीप नैन सहित विश्वविद्यालय के अन्य शिक्षकगण एवं शोधार्थी उपस्थित रहे। सभी ने चयनित विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्जवल एवं सफल भविष्य की कामना की।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में भी इसी प्रकार विद्यार्थियों की उल्लेखनीय उपलब्धियां संस्थान की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाती रहेंगी।
