वाणिज्य विभाग में ‘स्टार्ट-अप्स और बिजनेस एथिक्स’ विषय पर विस्तार व्याख्यान आयोजित

April 15, 2026

जींद। चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद के कुलगुरु प्रो. राम पाल सैनी के कुशल मार्गदर्शन में वाणिज्य विभाग द्वारा ‘स्टार्ट-अप्स और बिजनेस एथिक्स’ विषय पर एक विस्तृत विस्तार व्याख्यान का सफल आयोजन किया गया। इस शैक्षणिक कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक व्यावसायिक परिवेश, उद्यमिता के महत्व तथा नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में प्रख्यात शिक्षाविद् प्रोफेसर सुरेंद्र सिंह ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ वाणिज्य विभाग के डॉ. जसवीर सिंह द्वारा मुख्य अतिथि प्रो. सुरेंद्र सिंह, विभाग के सभी प्राध्यापकों एवं उपस्थित विद्यार्थियों का औपचारिक स्वागत कर किया गया। उन्होंने अपने स्वागत भाषण में कहा कि ऐसे व्याख्यान विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन के साथ-साथ उनके करियर निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

अपने विस्तृत व्याख्यान में प्रो. सुरेंद्र सिंह ने ‘आविष्कार , नवाचार और उद्यमिता के बीच के अंतर एवं उनके आपसी संबंध को सरल भाषा में स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि आविष्कार किसी नई वस्तु या विचार का जन्म है, जबकि नवाचार उस विचार को व्यावहारिक और उपयोगी रूप में लागू करने की प्रक्रिया है। वहीं उद्यमिता उस नवाचार को व्यवसायिक रूप देकर समाज और अर्थव्यवस्था के लिए मूल्य सृजन करने की क्षमता है।

प्रो. सुरेंद्र सिंह ने अपने वक्तव्य को और प्रभावी बनाने के लिए अनेक व्यावहारिक उदाहरण प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि किस प्रकार छोटे-छोटे विचार भी सही दिशा, योजना और मेहनत के बल पर सफल स्टार्टअप का रूप ले सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे केवल नौकरी की तलाश करने वाले न बनें, बल्कि नौकरी देने वाले बनने का प्रयास करें।

उन्होंने ‘बिजनेस एथिक्स’ (व्यावसायिक नैतिकता) के महत्व पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यवसाय की दीर्घकालिक सफलता के लिए ईमानदारी, पारदर्शिता, जिम्मेदारी और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे मूल्यों का पालन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने यह भी बताया कि अनैतिक तरीकों से प्राप्त सफलता अल्पकालिक होती है, जबकि नैतिकता पर आधारित व्यवसाय स्थायी और विश्वसनीय होता है।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने भी सक्रिय सहभागिता दिखाई और विभिन्न प्रश्नों के माध्यम से अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। प्रो. सुरेंद्र सिंह ने विद्यार्थियों के प्रश्नों का संतोषजनक उत्तर देते हुए उन्हें स्टार्टअप शुरू करने के व्यावहारिक पहलुओं, जोखिम प्रबंधन और संसाधनों के उचित उपयोग के बारे में भी मार्गदर्शन दिया।

इस अवसर पर वाणिज्य विभाग के सभी शिक्षकगण उपस्थित रहे और उन्होंने भी कार्यक्रम की सराहना की। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को सफल बनाया।

कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए विभाग की ओर से मुख्य वक्ता का आभार व्यक्त किया गया और भविष्य में भी इस प्रकार के शैक्षणिक आयोजनों को जारी रखने की बात कही गई।