शिक्षा विभाग द्वारा एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया
चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद के कुलगुरु प्रो. राम पाल सैनी के मार्गदर्शन में शिक्षा विभाग द्वारा एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया। इस भ्रमण के अंतर्गत विभाग के लगभग 22 विद्यार्थियों ने “समुदाय सर्वेक्षण” विषय के तहत जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थान, इक्कस, जींद का दौरा किया। इस गतिविधि का उद्देश्य विद्यार्थियों को कक्षा में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक रूप में लागू करने का अवसर प्रदान करना तथा उन्हें समाज के संवेदनशील वर्गों के जीवन से अवगत कराना था।
इस अवसर पर विभाग प्रभारी डॉ. कपिल देव ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा, “इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के समग्र विकास में अत्यंत सहायक सिद्ध होते हैं। इससे न केवल उनके ज्ञान का विस्तार होता है, बल्कि वे समाज के विभिन्न वर्गों की वास्तविक परिस्थितियों को समझ पाते हैं। संस्थान को निकट से जानना विद्यार्थियों में संवेदनशीलता, सहानुभूति और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को विकसित करता है, जो एक अच्छे शिक्षक बनने के लिए अत्यंत आवश्यक है।”
विभागाध्यक्ष प्रो. कुलदीप नारा ने अपने संबोधन में कहा, “शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं होती, बल्कि इसका वास्तविक उद्देश्य विद्यार्थियों को समाज से जोड़ना और उन्हें मानवीय मूल्यों से परिपूर्ण बनाना है। इस प्रकार के भ्रमण विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन की परिस्थितियों से रूबरू कराते हैं, जिससे वे अपने ज्ञान को अधिक प्रभावी ढंग से समझ और लागू कर पाते हैं। साथ ही, यह अनुभव उनके व्यक्तित्व विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।”
जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थान, इक्कस, जींद पहुंचने पर वहां डॉ. विकास जी (विशेषज्ञ अर्थशास्त्र), डॉ. हरिकेश जी (विशेषज्ञ अंग्रेजी) और डॉ. जगमेन्दर जी (विशेषज्ञ जीव विज्ञान) और अन्य स्टाफ सदस्यों ने सभी का हार्दिक स्वागत किया तथा स्टाफ के सहयोग से विद्यार्थियों को संस्थान का भ्रमण करवाया और सभी के साथ डॉ. हरिकेश जी ने सभी प्रकार की प्रशासनिक, अवसंरचना, अवलोकन, निरीक्षण, शिक्षण और प्रशिक्षण, और संस्थागत कार्यप्रणाली सम्बन्धी सभी गतिविधियों का विवरण दिया।
उन्होंने बताया, “इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण समाज और शैक्षणिक संस्थानों के बीच एक सार्थक सेतु का कार्य करते हैं। इससे विद्यार्थियों को न केवल वास्तविक जीवन की परिस्थितियों को समझने का अवसर मिलता है, बल्कि वे सेवा और संवेदनशीलता के मूल्यों को भी आत्मसात करते हैं, जो समाज के निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।”
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने सभी स्टाफ सदस्य के साथ संवाद स्थापित किया, जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थान की दैनिक दिनचर्या, कार्य, समस्याओं एवं आवश्यकताओं को समझा तथा अकादमिक, प्रशिक्षण, और प्रशासन से जुड़े विभिन्न पहलुओं का गहन अध्ययन किया। इस अनुभव ने विद्यार्थियों को न केवल शैक्षणिक दृष्टि से समृद्ध किया, बल्कि उनके भीतर मानवीय संवेदनाओं को भी सुदृढ़ किया।
इस अवसर पर डॉ. रोमी, डॉ. सविता रानी, श्रीमती सुदेश तथा श्रीमती नीरू भी उपस्थित रहे। अंत में सभी ने इस प्रकार के सामाजिक एवं शैक्षणिक आयोजनों को भविष्य में भी निरंतर आयोजित किए जाने पर बल दिया, ताकि विद्यार्थियों के समग्र विकास के साथ-साथ उनमें सामाजिक सरोकारों के प्रति जागरूकता और संवेदनशीलता का विकास होता रहे।
