प्रो. राम पाल सैनी ने संभाला चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद के कुलगुरु पद का कार्यभार

June 5, 2026

नई उम्मीदों, नए संकल्पों और उज्ज्वल भविष्य के साथ विश्वविद्यालय परिवार ने किया भव्य स्वागत

जींद, 05 जून 2026। चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय (सीआरएसयू), जींद के लिए आज का दिन ऐतिहासिक एवं गौरवपूर्ण रहा, जब प्रख्यात शिक्षाविद्, कुशल प्रशासक एवं उच्च शिक्षा के क्षेत्र में तीन दशकों से अधिक का अनुभव रखने वाले प्रो. राम पाल सैनी ने विश्वविद्यालय के माननीय कुलगुरु के रूप में अपना कार्यभार विधिवत ग्रहण किया। विश्वविद्यालय परिसर में उनके आगमन पर उत्साह, उल्लास, आत्मीयता और उम्मीदों का अनूठा संगम देखने को मिला। विश्वविद्यालय परिवार ने गर्मजोशी के साथ उनका स्वागत करते हुए उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।

कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत अपने संबोधन में कुलगुरु प्रो. राम पाल सैनी ने महामहिम राज्यपाल एवं कुलाधिपति प्रो. असीम कुमार घोष, हरियाणा प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी, हरियाणा सरकार तथा विश्वविद्यालय परिवार के प्रति हार्दिक आभार एवं कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उन पर व्यक्त किया गया विश्वास उनके लिए सम्मान के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी है।

विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि प्रो. सैनी पिछले लगभग एक वर्ष से विश्वविद्यालय के कुलगुरु का अतिरिक्त कार्यभार भी सफलतापूर्वक संभाल रहे थे, जिससे उन्हें विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं विकासात्मक गतिविधियों की गहन समझ पहले से ही प्राप्त है। उनके स्थायी रूप से कुलगुरु पद का दायित्व ग्रहण करने से विश्वविद्यालय परिवार में स्थिरता, निरंतरता एवं नई ऊर्जा का संचार हुआ है।

कुलगुरु के कार्यालय पहुंचने पर विश्वविद्यालय के अधिष्ठाताओं, विभागाध्यक्षों, शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर प्रो. सैनी के परिवारजन, रिश्तेदार, मित्रगण, शुभचिंतक एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे। अपने प्रियजन को विश्वविद्यालय के सर्वोच्च पद की जिम्मेदारी संभालते देख परिजनों के चेहरे पर गर्व और प्रसन्नता स्पष्ट दिखाई दे रही थी। विश्वविद्यालय परिसर में पूरे दिन उत्सव जैसा माहौल बना रहा और हर कोई इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने को उत्सुक नजर आया।

मूल रूप से हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के थानेसर क्षेत्र स्थित गांव प्रतापगढ़ के निवासी प्रो. राम पाल सैनी का जीवन संघर्ष, परिश्रम और समर्पण की प्रेरक मिसाल है। ग्रामीण परिवेश से निकलकर उन्होंने शिक्षा जगत में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में एम.ए. एवं एम.फिल. की उपाधि प्राप्त की तथा महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर से पीएच.डी. की डिग्री हासिल की। राजनीति विज्ञान विषय में डी.लिट. की उपाधि प्राप्त कर उन्होंने अपने उत्कृष्ट शैक्षणिक योगदान का परिचय दिया है।

प्रो. राम पाल सैनी के पास 30 वर्षों से अधिक का शिक्षण एवं प्रशासनिक अनुभव है। अपने लंबे कार्यकाल के दौरान उन्होंने उच्च शिक्षा संस्थानों में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करते हुए शिक्षण, शोध, प्रशासन, नीति निर्माण एवं संस्थागत विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उनके अनुभव, दूरदर्शी सोच और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए विश्वविद्यालय परिवार को उनसे विशेष अपेक्षाएं हैं।

प्रो. सैनी के नेतृत्व में विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शैक्षणिक एवं शोध सहयोग को नई दिशा प्रदान की है। उनके मार्गदर्शन में देश एवं विदेश के प्रतिष्ठित शिक्षण तथा अनुसंधान संस्थानों के साथ अनेक समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। विशेष रूप से जापान, पुर्तगाल तथा अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ स्थापित शैक्षणिक एवं शोध साझेदारियों ने विश्वविद्यालय को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इन सहयोगों के माध्यम से विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुसंधान, अकादमिक आदान-प्रदान, नवाचार एवं कौशल विकास के अवसर प्राप्त हो रहे हैं, जिससे विश्वविद्यालय की वैश्विक उपस्थिति और अधिक सुदृढ़ हुई है।

उन्होंने आगे कहा, “चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय प्रदेश एवं देश के प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। विश्वविद्यालय के शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों के सहयोग से हम सभी मिलकर इसे शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुसंधान, नवाचार और संस्थागत विकास के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य करेंगे। मेहनत, लगन और सामूहिक प्रयासों के बल पर विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान दिलाने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।”

प्रो. सैनी ने कहा कि वर्तमान समय में विश्वविद्यालयों की भूमिका केवल ज्ञान प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को वैश्विक चुनौतियों के अनुरूप सक्षम, जिम्मेदार, संवेदनशील और नवाचारी नागरिक बनाना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गुणवत्ता को और अधिक मजबूत बनाने, शोध एवं नवाचार को प्रोत्साहित करने, कौशल विकास को बढ़ावा देने, उद्योग-अकादमिक सहभागिता को सुदृढ़ करने तथा रोजगारोन्मुखी शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

कुलगुरु ने विश्वविद्यालय परिवार से संवाद, सहयोग और सहभागिता की भावना के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि किसी भी संस्थान की वास्तविक शक्ति उसके लोग होते हैं। जब शिक्षक, विद्यार्थी, अधिकारी और कर्मचारी एक साझा लक्ष्य के साथ कार्य करते हैं, तब सफलता निश्चित होती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विश्वविद्यालय परिवार के सहयोग से सीआरएसयू आने वाले वर्षों में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता के नए आयाम स्थापित करेगा।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों, शिक्षकों एवं अधिकारियों ने भी कुलगुरु का स्वागत करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। सभी ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रो. राम पाल सैनी के नेतृत्व में विश्वविद्यालय शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुसंधान, नवाचार, खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों तथा सामुदायिक विकास के क्षेत्रों में नई उपलब्धियां हासिल करेगा।

कार्यभार ग्रहण करने के इस महत्वपूर्ण अवसर पर प्रो. राम पाल सैनी ने समारोह में उपस्थित अपने परिवारजनों, रिश्तेदारों, मित्रों, शुभचिंतकों, सामाजिक एवं शैक्षणिक क्षेत्र से जुड़े गणमान्य व्यक्तियों, विश्वविद्यालय के शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों सहित सभी आगंतुकों का हृदय से धन्यवाद प्रेषित किया। उन्होंने कहा कि सभी के स्नेह, विश्वास एवं शुभकामनाएं उन्हें विश्वविद्यालय को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए निरंतर प्रेरित करती रहेंगी।

विश्वविद्यालय परिवार के लिए यह अवसर केवल एक प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि नई आशाओं, नए संकल्पों और एक उज्ज्वल भविष्य की शुरुआत का प्रतीक रहा। उपस्थित सभी लोगों ने माननीय कुलगुरु का अभिनंदन करते हुए उनके सफल, दूरदर्शी एवं प्रेरणादायी कार्यकाल की कामना की तथा विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद उच्च शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और वैश्विक शैक्षणिक सहयोग के क्षेत्र में उत्कृष्टता के नए मानक स्थापित करेगा तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिष्ठा को और अधिक सुदृढ़ बनाएगा।