Vaccine Sensitisation

Dec 23, 2021,4:10 pm

चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय जींद में डीवाईसी द्वारा वैक्सीनस इनर्टाइजेशन को लेकर एक एक्सटेंशन लेक्चर का आयोजन किया गया! इस कार्यक्रम में वक्ता के तौर पर डॉ मीनाक्षी कल्हण ने शिरकत की ।उन्होंने कोविड-19 के बारे में बच्चों के सामने अपने विचार रखे। उन्होंने कोविड-19 के बारे में बच्चों को विस्तार से समझाया कि करोना वायरस क्या होता है और व किस प्रकार पैदा होता है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस बहुत ही खतरनाक वायरस है और कोरोना वायरस के बदलते प्रारूपों के चलते छोटे छोटे कदम हमारे इस बीमारी से बचाव में मदद कर सकते हैं। इसके कुछ आम लक्षण खासी, जुखाम, बुखार और गले में दर्द है। जो विभिन्न व्यक्तियों में विभिन्न तरीके से असर करता है। हमें इससे बचने के लिए मास्क का प्रयोग करना चाहिए, 2 गज दूरी बनाए रखना चाहिए और अपने हाथों को 40 से 60 सेकंड तक सैनिटाइजर या साबुन से धोना चाहिए। इससे बचने के लिए सरकार द्वारा जारी की गई सावधानियों का पालन करना चाहिए और वैक्सीन लगवाने के लिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरुक करना चाहिए। यह वायरस हवा व पानी के साथ-साथ और एक दूसरे को छूने से फैलता है। अगर किसी इंसान में इसके लक्षण हो तो उसे बाहर भीड़ में जाने से बचना चाहिए और खुद को आइसोलेट करना चाहिए। कोरोना महामारी ने आज पूरे संसार में अपने पैर फैलाए हैं और इससे कोई भी देश अछुता नहीं रहा है। उन्होंने आंकड़ों के माध्यम से समझाया कि भारत में अब केवल 8.34% ही लोग पॉजिटिव हैं और बहुत सारे लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी हैं, हरियाणा में 3.17 करोड लोगों को वैक्सीन की डोज लग चुकी है, जबकि हरियाणा की आबादी ढाई करोड़ है । अगर मृत्यु दर की बात की जाए तो भारत में यह आंकड़ा दूसरे देशों की तुलना में कम है। कोरोना वायरस से बचने के लिए लोगों को वैक्सीन ही नहीं बल्कि एक्सरसाइज और खाने-पीने का ध्यान रखना चाहिए जिससे इंसान के शरीर में रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है। उन्होंने यह भी बताया कि किस देश में कौन सी वैक्सीन का प्रयोग हो रहा है और किस देश ने कौन सी वैक्सीन बनाई है। आज के कार्यक्रम के दूसरे मुख्य वक्ता के रूप में विद्या भारती स्कूल रोहतक के प्रिंसिपल डॉ ममता भोला रहे! उन्होंने बच्चों को नई शिक्षा नीति के बारे में जागरूक करते हुए अपने विचार रखें और नई शिक्षा नीति के अहम पहलुओं पर प्रकाश डाला। इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए विश्वविद्यालय कुलपति व कुलसचिव महोदय ने वक्ताओं को विश्वविद्यालय पहुंचने पर बधाई दी व आगे भी छात्रों के हित में इसी प्रकार के कार्यक्रम का आयोजन करने का आश्वासन दिया। इस कार्यक्रम की संयोजिका डॉ ज्योति श्योराण रही! उन्होंने दोनों मुख्य वक्ताओ का पूरे स्टाफ के साथ स्मृति चिन्ह देकर उनका सम्मान किया। इस मौके पर रेडरिबन के अध्यक्ष डॉ नवीन लडवाल, डॉ ममता ढांडा, डॉ वीरेंद्र आचार्य, डॉ भावना, डॉ कविता ,डॉ कृष्ण, कुमारी पल्लवी ,कुमारी सुमन मौजूद रहे।